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कुल्लू में हो सकती हैं सेब की पंद्रह लाख अधिक पेटियां
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कुल्लू में सेब का फल लेने लगा आकार।-संवाद
- फोटो : Kullu
रोशन ठाकुर
कुल्लू। प्रदेश में अभी तक के सूखे से कृषि और बागवानी को नुकसान हुआ है, लेकिन राहत बात यह है कि जिला कुल्लू में इससे सेब की फसल को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। अभी तक के मौसम के अनुसार इस बार सेब की बंपर पैदावार होगी। जिले में इस बार बीते साल की अपेक्षा सेब की 1500000 पेटियां अधिक पैदावार होने का अनुमान है।
वर्ष 2021 में जिले में करीब 550000 पेटियों का उत्पादन हुआ था। इस साल 7000000 पेटियों का अनुमान है। इसका खुलासा बागवानी विभाग की फील्ड रिपोर्ट से हुआ है। तापमान बढ़ने से जिले में सेब की फसल समय से करीब दो सप्ताह पहले तैयार हो जाएगी। हालांकि जिले में पिछले करीब एक दशक से मौसम की मार से लगातार सेब का उत्पादन गिरता जा रहा है। खासकर तूफान, ओलावृष्टि से सेब को नुकसान हुआ है। प्रगतिशील बागवान लीला प्रसाद, तेज राम, जगदीश ठाकुर, खेम राज, कुमार सिंह, किशोरी लाल, हंस राज, रमेश चंद तथा सुनील कुमार ने कहा कि बगीचों में सेब अब अखरोट के दाने के बराबर हो गया है। अभी तक फसल अच्छी है। मौसम अनुकूल रहने पर बागवानों को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। हालांकि सूखे से फ्लावरिंग व सेटिंग पर कुछ असर जरूर पड़ा है। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि इस बार सेब की फसल पिछले साल की अपेक्षा अधिक आंकी गई है। संवाद
साल सेब उत्पादन पेटियों में
2016 4500000
2017 4700000
2018 3500000
2018 7500000
2020 4800000
2021 5500000
2022 7000000 अनुमानित
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कुल्लू। प्रदेश में अभी तक के सूखे से कृषि और बागवानी को नुकसान हुआ है, लेकिन राहत बात यह है कि जिला कुल्लू में इससे सेब की फसल को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। अभी तक के मौसम के अनुसार इस बार सेब की बंपर पैदावार होगी। जिले में इस बार बीते साल की अपेक्षा सेब की 1500000 पेटियां अधिक पैदावार होने का अनुमान है।
वर्ष 2021 में जिले में करीब 550000 पेटियों का उत्पादन हुआ था। इस साल 7000000 पेटियों का अनुमान है। इसका खुलासा बागवानी विभाग की फील्ड रिपोर्ट से हुआ है। तापमान बढ़ने से जिले में सेब की फसल समय से करीब दो सप्ताह पहले तैयार हो जाएगी। हालांकि जिले में पिछले करीब एक दशक से मौसम की मार से लगातार सेब का उत्पादन गिरता जा रहा है। खासकर तूफान, ओलावृष्टि से सेब को नुकसान हुआ है। प्रगतिशील बागवान लीला प्रसाद, तेज राम, जगदीश ठाकुर, खेम राज, कुमार सिंह, किशोरी लाल, हंस राज, रमेश चंद तथा सुनील कुमार ने कहा कि बगीचों में सेब अब अखरोट के दाने के बराबर हो गया है। अभी तक फसल अच्छी है। मौसम अनुकूल रहने पर बागवानों को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। हालांकि सूखे से फ्लावरिंग व सेटिंग पर कुछ असर जरूर पड़ा है। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि इस बार सेब की फसल पिछले साल की अपेक्षा अधिक आंकी गई है। संवाद
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साल सेब उत्पादन पेटियों में
2016 4500000
2017 4700000
2018 3500000
2018 7500000
2020 4800000
2021 5500000
2022 7000000 अनुमानित