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Kullu News: कुल्लू जिले में डायरिया का नहीं अब खतरा
Sat, 11 May 2024 05:41 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 11 May 2024 05:41 AM IST
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कुल्लू। कुल्लू में डायरिया फैलने का खतरा फिलहाल अब नहीं है। उपमंडल कुल्लू और लारजी के प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी पीने योग्य है। जल शक्ति विभाग ने पिछले दिनों लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पेयजल योजनाओं के मुख्य स्रोतों से जांच के लिए सैंपल भरे थे। इनकी जांच जिला प्रयोगशाला शमशी में की गई। जांच में सैंपल सुरक्षा मानकों को खरे उतरे हैं।
बता दें कि जिला कुल्लू में लोग डायरिया और अन्य जल जनित रोगों की चपेट में न आए, इसके लिए प्राकृतिक जल स्रोतों की सैंपलिंग की गई थी। रोजाना पेयजल सैंपल उठाए गए और इनकी 12 सुरक्षा मानकों तापमान, रंग, गंदगी, टीडीएस, कुल क्षारीयता (कैल्शियम कार्बोनेट के रूप में), क्लोराइड (सीआई के रूप में), फ्लोराइड (एफ के रूप में), कुल कठोरता (सीसीओ के रूप में), ई. कोली, कुल कोलीफॉर्म व मुक्त अवशिष्ट क्लोरीन की शुद्धता जांच की गई।
इसके बाद ही उस प्राकृतिक स्रोत के पानी को पेयजल योजना से सुचारू तौर पर आपूर्ति के लिए जोड़ा गया। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता इंद्र ठाकुर ने कहा कि जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभाग नियमित तौर पर पेयजल सैंपलों की जांच करता है, लेकिन पिछले दिनों लगातार खराब मौसम को देखते विभाग ने पेयजल योजनाओं के मुख्य प्राकृतिक स्रोतों के सैंपल मौके पर जाकर लिए।
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उन्होंने कहा कि उपमंडल कुल्लू और लारजी के तहत आने वाली पेयजल योजनाओं के 304 सैंपल लिए गए थे। इन सभी सैंपल की रिपोर्ट जांच में दुरूस्त पाई गई है। उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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बता दें कि जिला कुल्लू में लोग डायरिया और अन्य जल जनित रोगों की चपेट में न आए, इसके लिए प्राकृतिक जल स्रोतों की सैंपलिंग की गई थी। रोजाना पेयजल सैंपल उठाए गए और इनकी 12 सुरक्षा मानकों तापमान, रंग, गंदगी, टीडीएस, कुल क्षारीयता (कैल्शियम कार्बोनेट के रूप में), क्लोराइड (सीआई के रूप में), फ्लोराइड (एफ के रूप में), कुल कठोरता (सीसीओ के रूप में), ई. कोली, कुल कोलीफॉर्म व मुक्त अवशिष्ट क्लोरीन की शुद्धता जांच की गई।
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इसके बाद ही उस प्राकृतिक स्रोत के पानी को पेयजल योजना से सुचारू तौर पर आपूर्ति के लिए जोड़ा गया। जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता इंद्र ठाकुर ने कहा कि जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए विभाग नियमित तौर पर पेयजल सैंपलों की जांच करता है, लेकिन पिछले दिनों लगातार खराब मौसम को देखते विभाग ने पेयजल योजनाओं के मुख्य प्राकृतिक स्रोतों के सैंपल मौके पर जाकर लिए।
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उन्होंने कहा कि उपमंडल कुल्लू और लारजी के तहत आने वाली पेयजल योजनाओं के 304 सैंपल लिए गए थे। इन सभी सैंपल की रिपोर्ट जांच में दुरूस्त पाई गई है। उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है।