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पर्यटन नगरी मनाली में फिर लौटने लगी रौनक
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पतलीकूहल/मनाली (कुल्लू)। पर्यटन नगरी मनाली की सूनी पड़ी वादियों में करीब तीन महीने के बाद रौनक लौट आई है। देश-विदेश के पर्यटक कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं। मनाली की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। इससे अब मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी पहले से बढ़ गई है। होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़कर अब 35 फीसदी हो गई है, जबकि सितंबर में यह 20 फीसदी थी।
होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़ने से मनाली के पर्यटन कारोबारियों को अब राहत उम्मीद जग गई है। कारोबारियों को आने वाले दिनों में बेहतर सीजन रहने की आस है। गौर रहे कि करीब तीन माह पहले घाटी में मानसून के दस्तक देते ही कांगड़ा के भागसू नाग में बादल फटने, बाढ़ में लोगों के बहने की ऐसी दहशत फैली कि सैलानी कुल्लू-मनाली के नाम से डरने लगे थे। रही सही कसर किन्नौर में पहाड़ों के दरकने ने पूरी की। सैलानी न होने के चलते होटलों में ताले लगने की नौबत आ गई। लेेकिन अब मानसून के विदा होते ही घाटी के नदी-नाले शांत हैं। पहाड़ों पर सैलानियों को आकर्षित करने वाली हल्की सफेद बर्फ भी नजर आने लगी है। मनाली के मालरोड समेत सोलंगनाला और गुलाबा-कोठी सहित अन्य पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार नजर आ रहे हैं। बबेली सहित अन्य स्थलों पर राफटिंग और पैराग्लाइडिंग स्थलों पर भी सैलानी देखे जा रहे हैं। तीन महीने यहां सन्नाटा ही पसरा रहा। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने कहा कि मनाली में इन दिनों 35 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। आने वाले सप्ताह में ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। सैलानियों के आने से टैक्सी, ऑटो, ढाबों से लेकर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग वालों को काम मिलेगा। दशहरा सीजन में स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा।
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होटलों में ऑक्यूपेंसी बढ़ने से मनाली के पर्यटन कारोबारियों को अब राहत उम्मीद जग गई है। कारोबारियों को आने वाले दिनों में बेहतर सीजन रहने की आस है। गौर रहे कि करीब तीन माह पहले घाटी में मानसून के दस्तक देते ही कांगड़ा के भागसू नाग में बादल फटने, बाढ़ में लोगों के बहने की ऐसी दहशत फैली कि सैलानी कुल्लू-मनाली के नाम से डरने लगे थे। रही सही कसर किन्नौर में पहाड़ों के दरकने ने पूरी की। सैलानी न होने के चलते होटलों में ताले लगने की नौबत आ गई। लेेकिन अब मानसून के विदा होते ही घाटी के नदी-नाले शांत हैं। पहाड़ों पर सैलानियों को आकर्षित करने वाली हल्की सफेद बर्फ भी नजर आने लगी है। मनाली के मालरोड समेत सोलंगनाला और गुलाबा-कोठी सहित अन्य पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार नजर आ रहे हैं। बबेली सहित अन्य स्थलों पर राफटिंग और पैराग्लाइडिंग स्थलों पर भी सैलानी देखे जा रहे हैं। तीन महीने यहां सन्नाटा ही पसरा रहा। मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश ठाकुर ने कहा कि मनाली में इन दिनों 35 फीसदी ऑक्यूपेंसी चल रही है। आने वाले सप्ताह में ऑक्यूपेंसी 60 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। सैलानियों के आने से टैक्सी, ऑटो, ढाबों से लेकर राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग वालों को काम मिलेगा। दशहरा सीजन में स्थानीय कारोबारियों को भी फायदा मिलेगा।
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