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Kullu News: ...हीयुआ रे लागे पूणे गीत पर झूमे दर्शक
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पतलीकूहल में रामनवमी मेले में सांस्कृतिक संध्या लुत्फ उठाते दर्शक।-संवाद
पतलीकूहल (कुल्लू)। माता काली दुर्गा के सम्मान में आयोजित तीन दिवसीय रामनवमी एवं दुर्गा अष्टमी मेले का रविवार को विधिवत समापन हो गया। मेले के अंतिम दिन आस्था और संस्कृति का संगम देखने को मिला। अधिष्ठात्री माता अपने अस्थायी शिविर से मूल देवालय के लिए प्रस्थान कर गईं। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या लोकगायकों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी। सबसे पहले मंच पर पहुंचे लोकगायक डाबे राम कुल्लवी ने ‘झूरी लोड़ी दिलै री बुझणूं आली’, हीयुआ रे लागे पूणे और तारा लाड़िये जैसे गीतों से माहौल को पूरी तरह लोक रंग में रंग दिया।
इसके बाद लोकगायिका पूजा आर्य और लोकगायक पंकज काका ने मंच संभालते हुए कुल्लवी, नेपाली और फिल्मी गीतों का शानदार मिश्रण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान राजीव ठाकुर, जयचंद, भाग दास महंत, संजय अंगरूप और सुरेंद्र भोला विशेष रूप से उपस्थित रहे। संवाद
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मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या लोकगायकों की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी। सबसे पहले मंच पर पहुंचे लोकगायक डाबे राम कुल्लवी ने ‘झूरी लोड़ी दिलै री बुझणूं आली’, हीयुआ रे लागे पूणे और तारा लाड़िये जैसे गीतों से माहौल को पूरी तरह लोक रंग में रंग दिया।
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इसके बाद लोकगायिका पूजा आर्य और लोकगायक पंकज काका ने मंच संभालते हुए कुल्लवी, नेपाली और फिल्मी गीतों का शानदार मिश्रण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में पूर्व प्रधान राजीव ठाकुर, जयचंद, भाग दास महंत, संजय अंगरूप और सुरेंद्र भोला विशेष रूप से उपस्थित रहे। संवाद
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