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शर्त न हटाने पर भड़के अनुबंध शिक्षक

Wed, 02 Dec 2015 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू Updated Wed, 02 Dec 2015 10:27 PM IST
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teachers are angry on condition of 31 March

अनुबंध शिक्षकों को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से 31 मार्च की शर्त को न हटाने पर हिमाचल प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ भड़क गया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से इस वर्ग के शिक्षकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस शर्त के बहाने सरकार और विभाग अनुबंध शिक्षकों की नियमितीकरण की प्रक्रिया को नजर अंदाज कर रहे हैं। जबकि, अब तक करीब ढाई हजार शिक्षक इस शर्त के कारण पांच साल पूरे करने के बाद भी नियमित नहीं हो रहे हैं।

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संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार का यही रवैया रहा तो संघ को उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा। संघ के कुल्लू जिलाध्यक्ष चंद्रकांत ठाकुर, राज्य उपाध्यक्ष पवन वर्मा, महासचिव निर्मल शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामदेई, वित्त सचिव सुनील दत्त विष्ट, सह सचिव हरीश वर्मा, मुख्य सलाहकार खेम चंद, पुजारी, मनाली उपमंडल अध्यक्ष अश्वनी कुमार, कुल्लू उपमंडल अध्यक्ष भगत सिंह ठाकुर, कार्यकारिणी सदस्य अर्चना शासनी, श्वेता अवस्थी, नीतू शर्मा, हितेशी, उपाध्यक्ष नितिन गौतम, बंजार से नरेंद्र, अशोक ठाकुर, निरमंड से सुंदर सिंह ठाकुर, शिक्षक रघुनाथ, शफी मोहम्मद, प्रेम चंद, लाहौल से महासचिव नारायण सिंह ठाकुर, वित्त सचिव राधेश्याम, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार, हरि सिंह ठाकुर, विवेक शाशनी, सुनील शाशनी, तेंजिन डडुल आदि ने कहा कि 31 मार्च की शर्त के कारण पांच वर्ष का सेवा काल पूर्ण कर चुके करीब ढाई हजार अनुबंध शिक्षक नियमित होने के लिए इंतजार कर रहे हैं।
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 जिलाध्यक्ष चंद्रकांत ठाकुर ने कहा कि एक ही विभाग में और एक ही पद पर समान आरएंडपी रूल्स के तहत नियुक्त अनुबंध कर्मचारी अलग-अलग सेवाकाल के बाद नियमित होंगे, जिससे 95 फीसदी अनुबंध कर्मचारियों के साथ धोखा हो रहा है। जो शिक्षक जनवरी-फरवरी में नियुक्त हुए हैं वे पांच वर्ष पूरा करने के बाद तत्काल नियमित होंगे। जबकि, जो अनुबंध शिक्षक अप्रैल या मई में नियुक्त हुए हैं,  वे 31 मार्च की शर्त के कारण करीब छह साल पूरा करने के बाद ही नियमित होंगे, जो उनके साथ सरासर अन्याय होगा। संघ ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

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