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दिनभर दवाई के लिए भटकते रहे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Wed, 14 Oct 2015 10:22 PM IST
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जिले के मेडिकल स्टोरों पर बुधवार को दिनभर ताले लटके रहे। दवा विक्रेताओं ने अखिल भारतीय दवा विक्रेता संघ के आह्वान पर मेडिकल स्टोर बंद रखे। इसके चलते मरीज दवाई की पर्ची लेकर मेडिकल स्टोरों पर पहुंचे लेकिन उन्हें बिना दवाई खाली हाथ लौटना पड़ा। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल में हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की दवाई की दुकान में लोगों की भीड़ लगी रही।
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लेकिन, कुछ दवाइयां यहां पर उपलब्ध न होने से मरीजों तथा अन्य लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष ऋषभ कालिया ने कहा कि 14 अक्तूबर को प्रदेश के सभी दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखकर ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ विरोध जताया है। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन फार्मेसी चलाने का प्रपोजल बनाया है, जिससे नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवा वर्ग आसानी से नशीली दवाएं ऑर्डर पर मंगवा सकते हैं, जो उन्हें मेडिकल स्टोर से नहीं मिल पाती थीं। इसके अलावा मेडिकल स्टोर पर फार्मासिस्ट दवाइयों को जांच परख कर देता है, वहीं पूरे देश में 48 लाख लोग सीधे तौर से इस व्यापार से जुड़े हैं।
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ऑनलाइन फार्मेसी से दवा विक्रेताओं के व्यवसाय को भी नुकसान होगा। कालिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश दवा विक्रेता संघ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष इस मसले को उठाया जाएगा।
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