फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Smoke rising from the house on the second day in sari village

दूसरे दिन भी मकान से उठता रहा धुआं

Thu, 25 Feb 2021 10:22 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2021 10:22 PM IST
विज्ञापन
Smoke rising from the house on the second day in sari village
सारी गांव में आग के से जले हुए घर के बचे अवशेष से उठता धुआं। - फोटो : Kullu
न्यूली/कुल्लू। जिला कुल्लू की ग्राम पंचायत रैला-दो के सारी गांव में बुधवार रात करीब आठ बजे 16 कमरों का मकान राख हो गया था। गांव में दूसरे दिन वीरवार को भी मकान से धुआं उठता रहा। अग्निशमन विभाग के कर्मचारी और लोग इस धुएं को बुझाते रहे। आग रात करीब आठ बजे लगी। इसके बाद साढ़े आठ बजे तक आसपास के गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे गए।
विज्ञापन

नौ बजे तक मौके पर कई लोग इकट्ठे हो गए। आग बुझाने के लिए लोगों ने पूरी कोशिश की। आग इतनी भयानक थी कि कुछ घंटों में ही सब कुछ जल गया। अपने घर को जलता देख प्रभावित परिवार रोत बिलखते रहे। 35 किलोमीटर दूर लारजी से दमकल वाहन भी पहुंच गया। आग बुझाने के लिए रात करीब दो बजे तक लोग और दमकल विभाग के कर्मचारी जुटे रहे। छह घंटों के दौरान लोगों ने मकान को बचाने की कड़ी मशक्कत की। मकान को बचाने के लिए सारी गांव के साथ रैला, खडिंगचा, शरण, पाशी सहित आसपास के करीब एक दर्जन गांव के लोग मौके पर पहुंचे। पानी के अभाव से लोगों ने मिट्टी से भी आग बुझाने का प्रयास किया। गांव में पर्याप्त पानी नहीं मिलने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। गांव में पास बने पेयजल स्टोरेज टैंक खाली होने से भी दिक्कत हुई। ग्रामीणों ने कहा कि अगर गांव में पानी की उचित सप्लाई होती तो मकान जलने से बचाया जा सकता था। आग बुझाने के लिए लोगों ने अपने घरों से पानी ढोकर लाया। स्थानीय पंचायत रैला के प्रधान जोगिंद्र सोनी, उप प्रधान भगत राम, वार्ड सदस्य जय सिंह, वार्ड सदस्य नारायण सिंह, ज्ञान सिंह तथा टिकम राम ने कहा कि गांव को जोड़ने वाली पेयजल स्कीम शारण से गोरन का निर्माण 1977 में हुआ है। गांव के साथ बने पानी के तीन स्टोरेज टैंक भी सूखे पड़े है। पेयजल स्रोत के पास भी बने तीनों टैंक खराब हालत में है। इनसे भी पानी लीकेज होता है। लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पेयजल की समस्या कई सालों से चल रही है। पिछले तीन-चार महीनों से नलों में पानी की कुछ बूंदे टपक रही हैं।
विज्ञापन

तंबुओं में गुजर बसर करने के लिए मजबूर
कुल्लू। पीड़ित परिवारों के लोग अब तंबुओं में गुजर बसर करने के लिए मजबूर हैं। उनके मवेशियों को गांव में दूसरों के घरों में रखा गया है। मकान के एक परिवार ने रसोई गैस पर दाल बनने के लिए रखी थी। लेकिन सिलिंडर में अचानक आग लग गई, जो पूरे मकान में फैल गई। राजस्व विभाग के अनुसार इस मकान में मोती राम, सुंदर सिंह, कादशी राम, वेद राम, राम दास, उत्तम राम, प्रेम राज तथा हेत राम के परिवार के 30 सदस्य रहते थे। नकदी के साथ सोने-चांदी के आभूषण सहित कई अन्य सामान राख हो गया है। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि आग से पीड़ित परिजनों की हरसंभव मदद की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेयजल योजना पुरानी, स्रोत में पानी कम
कुल्लू। जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता राजेंद्र कुमार ने कहा कि पेयजल योजना काफी पुरानी है। क्षेत्रफल अधिक और स्रोत में पानी की मात्रा कम है। नई स्कीम के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा है। लेकिन स्वीकृति नहीं मिली है। पुरानी स्कीम की मरम्मत का काम चला हुआ है। इसमें भी पाइपों की कमी चल रही है।

पंचायत ने दी दस हजार रुपये की मदद
कुल्लू। आग से प्रभावित हुए पीड़ित परिवारों को ग्राम पंचायत रैला-दो के प्रधान जोगिंदर सोनी, उप प्रधान भगत राम, वार्ड सदस्य जय सिंह, वार्ड सदस्य नारायण सिंह ने पंचायत की तरफ से दस हजार रुपये की मदद दी है। पंचायत प्रधान ने सरकार व जिला प्रशासन से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि पंचायत की ओर से भी प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed