Kullu News: करपट नाले की बाढ़ में स्कूल का स्टोर, शौचालय क्षतिग्रस्त, 30 घर करवाए खाली
मयाड़ घाटी के करपट नाला में शनिवार देर शाम आई बाढ़ ने तबाही मचाई है। बाढ़ से प्राइमरी स्कूल का स्टोर और शौचालय पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के करपट नाला में शनिवार देर शाम आई बाढ़ ने तबाही मचाई है। बाढ़ से प्राइमरी स्कूल का स्टोर और शौचालय पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। साथ ही 10 से 12 बीघा में लहलहाती फसल में गाद भर गई है। नाले से लगती कुछ जमीन भी बाढ़ में बह गई। शनिवार शाम तकरीबन 8:00 बजे के करीब करपट नाला में बादल फटने से बाढ़ आ गई। 30 घरों की आबादी वाले करपट गांव के ग्रामीणों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर टेंट का सहारा लिया। बाढ़ गांव के दोनों छोर से निकल गई। करपट नाले में आई बाढ़ से ग्रामीण एक बार फिर से खौफ के साये में जीने को विवश हो गए हैं।
करपट नाले में हर साल बाढ़ आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांव से ऊपर नाले की गहराई कम होने के चलते लोग बाढ़ का खतरा हमेशा महसूस करते आए हैं। करपट नाला में बाढ़ की सूचना मिलते ही रविवार को लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा के साथ जिला परिषद अध्यक्ष, एसडीएम उदयपुर केशव राम, नायब तहसीलदार मेहर चंद सहित कई अधिकारी करपट गांव पहुंचे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ स्थिति का जायजा लिया।
मयाड़ घाटी के करपट गांव में आई बाढ़ और नुकसान का जायजा लिया। लोगों के खेत और फसल के नुकसान के अलावा कुछ सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। खेतों की सिंचाई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाए रखने के विभागों को निर्देश दिए हैं। फौरी राहत के तौर पर रिलीफ शेल्टर, राशन सामग्री, पानी की उपलब्धता आदि की व्यवस्था कर ली गई है।-अनुराधा राणा, विधायक लाहौल-स्पीति
पांच मकान करवाएं खाली, सुरक्षित जगह भेजे 63 लोग
सोलंग घाटी का पलचान गांव खतरे की जद में आ गया है। 25 जुलाई को बादल फटने की घटना के बाद शनिवार को बारिश होने से सरेही नाला उफान पर है। इससे ब्यास का भी जलस्तर बढ़ गया है। पानी का रुख गांव की ओर मुड़ने से खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने पांच मकानों में रह रहे लगभग 63 लोग सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिए है। मकानों को खाली करवा दिया गया है। पांच मकानों के अलावा एक निर्माणाधीन मकान और एक दुकान भी खतरे की जद में आ गई है। प्रशासन ने ब्यास का रुख मोड़ने के लिए बिजली परियोजना की मशीनरी लगाई है। सरेही नाला में बादल फटने से पलचान में भारी नुकसान हुआ है। दो दिन पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। शनिवार शाम बारिश के बाद फिर नाला उफान पर है। नाले का पानी ब्यास में मिलने से ब्यास का जल स्तर बढ़ गया है। इससे बिजली परियोजना के समीप बने पांच मकानों को खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने मकानों में रह रहे लगभग 63 लोग दूसरी जगह शिफ्ट किए हैं। मकानों में रखा सामान भी दूसरी जगह पहुंचाया है। एसडीएम मनाली रमन कुमार शर्मा खुद टीम सहित मौके पर डटे हुए हैं। गांव की तरफ हुए नदी के बहाव को मोड़ने के लिए परियोजना की मशीनरी लगाई गई है। एसडीएम रमन कुमार शर्मा ने कहा कि सभी लोग दूसरे घरों में शिफ्ट हो गए हैं। पांच मकान, एक निर्माणाधीन मकान और एक दुकान को खतरा बढ़ गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।