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लाहौल में फायर एनओसी नियमों पर दी जाए छूट : तंजिन
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होटलियर एसोसिएशन की बैठक में सदस्यों ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। फायर एनओसी के नए प्रावधानों पर होटल व्यवसायियों ने चिंता जताई है। नए पंजीकरण और नवीनीकरण होने वाली संपत्तियों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है। लाहौल-स्पीति जैसे अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्र में सर्दियों के दौरान इन व्यवस्थाओं को संचालित करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। यह बात होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तंजिन करपा ने कही। शनिवार को लाहौल होटलियर एसोसिएशन की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
केलांग में आयोजित बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि केवल पंजीकरण की औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रत्येक होटल एवं पर्यटन इकाई को करीब तीन से चार लाख रुपये तक के फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित करने पड़ रहे हैं। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के होटल व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इस दौरान स्थानीय विधायक अनुराधा राणा से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आग्रह करने पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष तंजिन करपा ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे कम तापमान वाले क्षेत्रों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फायर एनओसी के नियमों में व्यावहारिक छूट अथवा विशेष प्रावधान किए जाएं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित रहे और स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। फायर एनओसी के नए प्रावधानों पर होटल व्यवसायियों ने चिंता जताई है। नए पंजीकरण और नवीनीकरण होने वाली संपत्तियों के लिए फायर एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है। लाहौल-स्पीति जैसे अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्र में सर्दियों के दौरान इन व्यवस्थाओं को संचालित करना व्यावहारिक रूप से कठिन है। यह बात होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तंजिन करपा ने कही। शनिवार को लाहौल होटलियर एसोसिएशन की बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
केलांग में आयोजित बैठक में एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि केवल पंजीकरण की औपचारिकता पूरी करने के लिए प्रत्येक होटल एवं पर्यटन इकाई को करीब तीन से चार लाख रुपये तक के फायर सेफ्टी उपकरण स्थापित करने पड़ रहे हैं। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के होटल व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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इस दौरान स्थानीय विधायक अनुराधा राणा से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आग्रह करने पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष तंजिन करपा ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे कम तापमान वाले क्षेत्रों की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फायर एनओसी के नियमों में व्यावहारिक छूट अथवा विशेष प्रावधान किए जाएं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित रहे और स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी न पड़े। संवाद
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