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Kullu News: दुकानों में राशन का स्टॉक समाप्त, मलाणा में खाद्य सामग्री का संकट
Wed, 07 Aug 2024 05:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 07 Aug 2024 05:30 AM IST
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कुल्लू। करीब 2500 आबादी वाले ऐतिहासिक गांव मलाणा में हालात अभी भी पटरी पर नहीं उतरे हैं। हालांकि, मलाणा के लिए बिजली आपूर्ति अभी भी ठप है। आपदा के बाद गांव में खाने-पीने का संकट गहरा गया है।
हालांकि ग्रामीण स्वयं राहत कार्यों के लिए आगे आ रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने मलाणा नाला पर एक अस्थायी पुल का निर्माण कर लिया है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली है। पिछले सप्ताह बादल फटने के कुछ घंटों बाद ही राशन की दुकानों पर लंबी कतारें लग गई थीं और आटा-चावल का स्टॉक समाप्त हो गया था। अब कई परिवारों के पास राशन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है।
लोगों की मुश्किल यह है कि वे मलाणा से जरी के लिए नहीं आ सकते, क्योंकि यह मार्ग मलाणा नाला में बादल फटने के बाद बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों के पास चंद्रखणी होकर आने का एकमात्र विकल्प बचा है, लेकिन इसके लिए उन्हें आठ घंटे का सफर तय करना पड़ेगा। ऐसे में अब मलाणा के लोग प्रशासन और सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे हैं कि वे जल्द से जल्द कुछ समाधान करेंगे।
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मलाणा के स्थानीय निवासी रूप सिंह का कहना है कि मलाणा में एक सप्ताह बाद देवता जमदग्नि ऋषि के सम्मान में मनाए जाने वाला मेला शुरू होगा। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह चिंता है कि मेले में आने वाले मेहमानों को क्या खिलाया जाएगा, क्योंकि राशन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है।
स्थानीय निवासी लोत राम ने कहा कि सड़क को बहाल करने में समय लगेगा, लेकिन तब तक गांव तक राशन पहुंचाने के लिए प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उधर, एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रशासन द्वारा तेजी से अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मलाणा में कई परिवारों के पास अब आटा-चावल आदि की किल्लत भी होने लगी हैं। भादो मास की संक्रांति से शुरू होने वाले मेले से पहले अगर मलाणा के ग्रामीणों को राशन नहीं मिलता है तो लोगों को मुश्किलें आएंगी।
-रामजी ठाकुर, उप प्रधान, मलाणा पंचायत
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हालांकि ग्रामीण स्वयं राहत कार्यों के लिए आगे आ रहे हैं। सोमवार को ग्रामीणों ने मलाणा नाला पर एक अस्थायी पुल का निर्माण कर लिया है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली है। पिछले सप्ताह बादल फटने के कुछ घंटों बाद ही राशन की दुकानों पर लंबी कतारें लग गई थीं और आटा-चावल का स्टॉक समाप्त हो गया था। अब कई परिवारों के पास राशन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है।
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लोगों की मुश्किल यह है कि वे मलाणा से जरी के लिए नहीं आ सकते, क्योंकि यह मार्ग मलाणा नाला में बादल फटने के बाद बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। ग्रामीणों के पास चंद्रखणी होकर आने का एकमात्र विकल्प बचा है, लेकिन इसके लिए उन्हें आठ घंटे का सफर तय करना पड़ेगा। ऐसे में अब मलाणा के लोग प्रशासन और सरकार से उम्मीदें लगाए बैठे हैं कि वे जल्द से जल्द कुछ समाधान करेंगे।
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मलाणा के स्थानीय निवासी रूप सिंह का कहना है कि मलाणा में एक सप्ताह बाद देवता जमदग्नि ऋषि के सम्मान में मनाए जाने वाला मेला शुरू होगा। ऐसे में ग्रामीणों के लिए यह चिंता है कि मेले में आने वाले मेहमानों को क्या खिलाया जाएगा, क्योंकि राशन का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है।
स्थानीय निवासी लोत राम ने कहा कि सड़क को बहाल करने में समय लगेगा, लेकिन तब तक गांव तक राशन पहुंचाने के लिए प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उधर, एसडीएम सदर विकास शुक्ला ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्रशासन द्वारा तेजी से अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मलाणा में कई परिवारों के पास अब आटा-चावल आदि की किल्लत भी होने लगी हैं। भादो मास की संक्रांति से शुरू होने वाले मेले से पहले अगर मलाणा के ग्रामीणों को राशन नहीं मिलता है तो लोगों को मुश्किलें आएंगी।
-रामजी ठाकुर, उप प्रधान, मलाणा पंचायत