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रेबीज भयानक संक्रमण, उपचार ही बचाव : डॉ. उषा
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कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में विश्व जूनोसिस दिवस कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सा अधिकारी एवं
कुल्लू। रेबीज एक भयानक संक्रमण है। इससे जानकारी और उपचार से बचा जा सकता है। यह बात जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर ने कही। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में शनिवार को विश्व जूनोसिस दिवस मनाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य पशुओं से इंसानों पर प्रभाव डालने वाली बीमारियों की सटीक जानकारी देना और संक्रमण रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना रहा।
अस्पताल के सभागार में चिकित्सा अधिकारियों ने नर्सिंग प्रशिक्षुओं को जूनोटिक रोगों के बारे में समझाया। इनसे कैसे बचना है, इसकी भी जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर ने कहा कि जूनोटिक रोग वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी और कवक जैसे हानिकारक कीटाणुओं के कारण होते हैं। ये कीटाणु लोगों और जानवरों में कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
इनसे हल्की से लेकर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो जूनोटिक रोगों से कोई भी व्यक्ति बीमार हो सकता है। इसमें स्वस्थ लोग भी शामिल हैं, लेकिन पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, कमजोर रोग प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग और गर्भवती महिलाएं जल्दी चपेट में आ सकतीं हैं। जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत ने कहा कि विश्व जूनोसिस दिवस एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव है, जो इस खतरनाक संक्रमण को रोकने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए जुलाई में मनाया जाता है। संवाद
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अस्पताल के सभागार में चिकित्सा अधिकारियों ने नर्सिंग प्रशिक्षुओं को जूनोटिक रोगों के बारे में समझाया। इनसे कैसे बचना है, इसकी भी जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर ने कहा कि जूनोटिक रोग वायरस, बैक्टीरिया, परजीवी और कवक जैसे हानिकारक कीटाणुओं के कारण होते हैं। ये कीटाणु लोगों और जानवरों में कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकते हैं।
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इनसे हल्की से लेकर गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो जूनोटिक रोगों से कोई भी व्यक्ति बीमार हो सकता है। इसमें स्वस्थ लोग भी शामिल हैं, लेकिन पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, कमजोर रोग प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग और गर्भवती महिलाएं जल्दी चपेट में आ सकतीं हैं। जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत ने कहा कि विश्व जूनोसिस दिवस एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव है, जो इस खतरनाक संक्रमण को रोकने तथा लोगों को जागरूक करने के लिए जुलाई में मनाया जाता है। संवाद
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