फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   Pear crop wasted 60 percent

नाशपाती की फसल 60 फीसदी बरबाद

Tue, 05 Apr 2022 10:06 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 10:06 PM IST
विज्ञापन
Pear crop wasted 60 percent
अमीचंद भंडारी
विज्ञापन

कुल्लू/खराहल। जिले में मौसम की बेरुखी रसीले फल नाशपाती पर भारी पड़ गई है। सामान्य से अधिक पारा बढ़ने से फल बनने की प्रक्रिया पर विपरीत असर पड़ने से 60 फीसदी फसल बरबाद हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फ्लावरिंग के समय तापमान 22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन इस समय सामान्य सात से दस डिग्री ज्यादा तापमान रहा। अधिक तापमान होने से इसकी सेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इससे निचले क्षेत्रों के नाशपाती उत्पादक परेशान हैं। हालांकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फसल कुछ बेहतर दिखाई दे रही है, लेकिन सूखे का कहर इसी तरह रहा तो यहां भी फलों को क्षति होने की संभावना है।
विज्ञापन

घाटी के बागवान चंदेराम ठाकुर, ज्ञान ठाकुर, चमन ठाकुर, केहर सिंह, राजीव, जयचंद, कर्मचंद, सुरेश ठाकुर, अनिश, नवीन प्रताप पठानिया, विजय पठानिया ने कहा कि फलदार पेड़ पर भरपूर फूल खिलने के समय सामान्य से अधिक तापमान होने से सेटिंग प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि इस साल गत वर्ष की अपेक्षा नाशपाती की फसल बहुत कम है। विशेषज्ञों के अनुसार फ्लावरिंग के समय तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सेटिंग पर बुरा प्रभाव पड़ा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

तापमान में हुई सामान्य से अधिक वृद्धि
सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने कहा कि मौसम के बदलाव के कारण नाशपाती को नुकसान हुआ है। जिले में करीब 60 फीसदी फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि पौधों पर जब फूल खिले थे, उस समय तापमान में सामान्य से अधिक वृद्धि हो गई। इससे सेटिंग प्रभावित हुई है।

फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित : उत्तम
बागवानी विभाग के विशेषज्ञ उत्तम पराशर ने कहा कि फ्लावरिंग के समय एकाएक गर्मी बढ़ने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो जाने से फल बनने की प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ा है। पिछले साल अधिक फसल होने से इस बार ऑफ ईयर होने से भी फसल कम होती है। तापमान में वृद्धि होने से पंद्रह दिन पहले फ्लावरिंग होना और मार्च माह पूरा सूखा रहने से भी फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। अभी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फ्लावरिंग पूरी नहीं हुई है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed