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डॉक्टर के इंतजार में मरीज बेहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Thu, 26 Nov 2015 05:55 PM IST
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जिला अस्पताल में नए डॉक्टरों की नियुक्तियां भी हो चुकी हैं। अस्पताल में दो सौ बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर तीन सौ कर दी गई है। बावजूद इसके अस्पताल आने वाले मरीजों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं।
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ओपीडी के बाहर मरीजों को डॉक्टर के आने का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। वीरवार को अमर उजाला की टीम ने कुल्लू अस्पताल का रियलिटी चेक किया तो वहां ये हालात पाए गए।
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12 बजे तक ओपीडी में नहीं पहुंचते डॉक्टर
अस्पताल की हालत ऐसी है कि मरीज सुबह से ही ओपीडी के बाहर पहुंच जाते हैं। लेकिन, चिकित्सक 12 बजे से पहले ओपीडी में नहीं पहुंचते। वीरवार को शिशु ओपीडी में दोपहर एक बजे तक कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था। अस्पताल में अपने बच्चे का इलाज करवाने आई विमला देवी ने कहा कि उसके बच्चे को तेज बुखार है।
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वह सुबह से डॉक्टर का इंतजार कर रही हैं। अस्पताल में पूछने पर बताया गया कि डॉक्टर राउंड पर है, राउंड खत्म होने के बाद ही डॉक्टर ओपीडी में बैठेंगे।
महिला ओपीडी में भी नहीं था डॉक्टर
महिला ओपीडी के बाहर महिलाएं डॉक्टर के बैठने का इंतजार करती रहीं। लेकिन, दोपहर तक डॉक्टर फिमेल ओपीडी में नहीं बैठे थे। इसमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल थीं। इलाज के लिए आई अन्य महिला तौली देवी और हीरा ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में अक्सर डॉक्टर राउंड पर रहते हैं, जबकि मरीजों को ओपीडी के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता है।
वीरवार को भी जिला अस्पताल शिशु रोग ओपीडी के बाहर लोग डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। जब 12 बजे तक डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे तो अस्पताल आए हुए कुछ लोगों ने प्राइवेट अस्पताल में जाना ही मुनासिब समझा। दोपहर एक बजे तक डॉक्टर ओपीडी में नहीं बैठे थे।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू एसएमओ डॉ. सरिता ने कहा कि चाल्इड ओपीडी में एक ही डॉक्टर है, जो पहले राउंड पर थे और उसके बाद उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम के लिए लगी थी। बच्चों का एक ही डॉक्टर होने के कारण समस्या पेश आ रही है। इसके अलावा फीमेल ओपीडी में एक डॉक्टर नाइट शिफ्ट की ड्यूटी पर थीं, जबकि दूसरी डॉक्टर इमरजेंसी सेवाएं में तैनात थीं।