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Kullu News: अब मेस के साथ पूरे अस्पताल में छिड़की जाएगी कीट नियंत्रण दवा
Wed, 05 Nov 2025 10:16 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 05 Nov 2025 10:16 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल में मरीज के खाने में कॉकरोच मामले में विभाग ने लिया संज्ञान
मंडी की कंपनी के साथ करार करने को लेकर चल रही बातचीत
गौरीशंकर
कुल्लू। मरीजों को परोसे गए खाने में कॉकरोच मिलने की घटना ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
अब प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल कराने का निर्णय लिया है। मेस संचालक को भी अपने स्तर पर छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेस संचालक के पास न कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र था और न ही मेस की पेस्ट कंट्रोल सर्विस हुई थी। संचालक की भूमिका के साथ अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में थी।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब अस्पताल प्रशासन ने संचालक को मेस में कीट नियंत्रण छिड़काव (पेस्ट कंट्रोल) करने के निर्देश दिए हैं। यह भी निर्णय लिया है कि पूरे अस्पताल में अपने स्तर पर कीट नियंत्रण छिड़काव (पेस्ट कंट्रोल) किया जाएगा। मंडी की एक कंपनी के साथ प्रबंधन ने बातचीत शुरू कर दी है। प्रबंधन के अनुसार इस प्रक्रिया को नियमित करने के लिए कंपनी के साथ करार किया जाएगा।
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यह था मामला
क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को दिए खाने में कॉकरोच निकला था। एक महिला ने इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। महिला ने आरोप लगाए थे कि मरीजों को कॉकरोच वाला खाना दिया जा रहा है। मामला सामने आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेस का निरीक्षण किया था। मेस में कई खामियां उजागर हुई थीं। न तो मेस में काम करने वाले कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनाया था, न ही कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र था। जहां मरीजों के लिए खाना बनता था, वहां की दीवारें भी उखड़ चुकी थीं। लंबे समय से दीवारों की सफेदी तक नहीं की गई थी।
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क्यों जरूरी है पेस्ट कंट्रोल
पेस्ट कंट्रोल सेवाएं कॉकरोच, चूहे, चींटियों, मच्छरों जैसे बीमारियां पैदा करने वाले कीटों से सुरक्षित रखती हैं। नियमित पेस्ट कंट्रोल न केवल कीटों को खत्म करती है बल्कि उनकी पुनरावृत्ति को भी रोकती है।
-- अस्पताल प्रशासन पूरे अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल करने की प्रक्रिया को सुनिश्चित करेगा। इसके लिए मंडी की एक कंपनी से बात चल रही है। आने वाले समय में नियमित पेस्ट कंट्रोल करने के लिए इससे करार किया जाएगा। मेस संचालक को अपने स्तर पर पेस्ट कंट्रोल करने को कहा गया है। - डाॅ. तारा चंद, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू
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मंडी की कंपनी के साथ करार करने को लेकर चल रही बातचीत
गौरीशंकर
कुल्लू। मरीजों को परोसे गए खाने में कॉकरोच मिलने की घटना ने क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।
अब प्रशासन ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पूरे अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल कराने का निर्णय लिया है। मेस संचालक को भी अपने स्तर पर छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मेस संचालक के पास न कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र था और न ही मेस की पेस्ट कंट्रोल सर्विस हुई थी। संचालक की भूमिका के साथ अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में थी।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। अब अस्पताल प्रशासन ने संचालक को मेस में कीट नियंत्रण छिड़काव (पेस्ट कंट्रोल) करने के निर्देश दिए हैं। यह भी निर्णय लिया है कि पूरे अस्पताल में अपने स्तर पर कीट नियंत्रण छिड़काव (पेस्ट कंट्रोल) किया जाएगा। मंडी की एक कंपनी के साथ प्रबंधन ने बातचीत शुरू कर दी है। प्रबंधन के अनुसार इस प्रक्रिया को नियमित करने के लिए कंपनी के साथ करार किया जाएगा।
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यह था मामला
क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को दिए खाने में कॉकरोच निकला था। एक महिला ने इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। महिला ने आरोप लगाए थे कि मरीजों को कॉकरोच वाला खाना दिया जा रहा है। मामला सामने आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेस का निरीक्षण किया था। मेस में कई खामियां उजागर हुई थीं। न तो मेस में काम करने वाले कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनाया था, न ही कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र था। जहां मरीजों के लिए खाना बनता था, वहां की दीवारें भी उखड़ चुकी थीं। लंबे समय से दीवारों की सफेदी तक नहीं की गई थी।
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क्यों जरूरी है पेस्ट कंट्रोल
पेस्ट कंट्रोल सेवाएं कॉकरोच, चूहे, चींटियों, मच्छरों जैसे बीमारियां पैदा करने वाले कीटों से सुरक्षित रखती हैं। नियमित पेस्ट कंट्रोल न केवल कीटों को खत्म करती है बल्कि उनकी पुनरावृत्ति को भी रोकती है।