{"_id":"c6c08264cb68a0de2bdb3e9007045a2b","slug":"no-doctors-in-kullu-hospatal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में नहीं डाक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में नहीं डाक्टर
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Thu, 17 Dec 2015 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से मरीज कड़ाके की ठंड में परेशान होने को मजबूर हैं। हालत यह है कि मरीजों को मालूम ही नहीं होता है कि उन्हें ओपोडी में डॉक्टर मिलेंगे या नहीं। यह जानकारी उन्हें पर्ची बनाने वाले काउंटर पर भी नहीं दी जाती है। मरीज सारा दिन पर्ची को हाथ में लेकर ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते रहते हैं और थक हार कर शाम को बिना इलाज करवाए वापस घरों को लौट जाते हैं।
गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह से आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों ने एक साथ छुट्टी ले रखी है। मरीज चाहे दर्द में तड़पते-तड़पते बेहोश भी हो जाएं, उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। पिछले दो सप्ताह से अस्पताल की यही स्थिति बनी हुई है। जिला अस्पताल प्रबंधन भी एक साथ अवकाश करने वाले डॉक्टरों को रोकने में असमर्थ है। गत वीरवार को नौ डॉक्टर एक साथ अवकाश पर चले गए थे। इसके अलावा दो अन्य डॉक्टर प्रशिक्षण पर थे। ऐसे में डॉक्टरों का अवकाश पर चले जाना लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। लोग कहते हैं कि यदि डॉक्टर वर्षभर में मिलने वाले अवकाश को पूरा कर रहे हैं तो उन्हें एक साथ अवकाश पर न भेजा जाए। लिहाजा, इससे दूरदराज क्षेत्रों से उपचार करने आ रहे मरीजों को काफी दिक्कतों के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
वीरवार को शिशु ओपीडी में महिलाएं डॉक्टर का इंतजार करती रहीं लेकिन डॉक्टर काफी देर तक नहीं आए। इस दौरान बच्चे भी दर्द से बेहाल थे। ओपीडी के बाहर खड़ी रीनू और गुड्डी ने बताया कि उनके बच्चे बीमार थे। सुबह से ही वे ओपीडी के बाहर पर्ची बनाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्होंने निजी क्लीनिकों का रुख किया। लिहाजा, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। सीएमओ कुल्लू वाईडी शर्मा का कहना है कि डॉक्टर अवकाश पर हैं, लेकिन मरीजों का चेकअप किया जा रहा है। कुछ ओपीडी सहित इमरजेंसी ओपीडी में डॉक्टर तैनात रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि पिछले दो सप्ताह से आधा दर्जन से अधिक डॉक्टरों ने एक साथ छुट्टी ले रखी है। मरीज चाहे दर्द में तड़पते-तड़पते बेहोश भी हो जाएं, उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है। पिछले दो सप्ताह से अस्पताल की यही स्थिति बनी हुई है। जिला अस्पताल प्रबंधन भी एक साथ अवकाश करने वाले डॉक्टरों को रोकने में असमर्थ है। गत वीरवार को नौ डॉक्टर एक साथ अवकाश पर चले गए थे। इसके अलावा दो अन्य डॉक्टर प्रशिक्षण पर थे। ऐसे में डॉक्टरों का अवकाश पर चले जाना लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। लोग कहते हैं कि यदि डॉक्टर वर्षभर में मिलने वाले अवकाश को पूरा कर रहे हैं तो उन्हें एक साथ अवकाश पर न भेजा जाए। लिहाजा, इससे दूरदराज क्षेत्रों से उपचार करने आ रहे मरीजों को काफी दिक्कतों के दौर से गुजरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
वीरवार को शिशु ओपीडी में महिलाएं डॉक्टर का इंतजार करती रहीं लेकिन डॉक्टर काफी देर तक नहीं आए। इस दौरान बच्चे भी दर्द से बेहाल थे। ओपीडी के बाहर खड़ी रीनू और गुड्डी ने बताया कि उनके बच्चे बीमार थे। सुबह से ही वे ओपीडी के बाहर पर्ची बनाने के बाद डॉक्टर का इंतजार करती रहीं। जब डॉक्टर नहीं आए तो उन्होंने निजी क्लीनिकों का रुख किया। लिहाजा, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में इन दिनों स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। सीएमओ कुल्लू वाईडी शर्मा का कहना है कि डॉक्टर अवकाश पर हैं, लेकिन मरीजों का चेकअप किया जा रहा है। कुछ ओपीडी सहित इमरजेंसी ओपीडी में डॉक्टर तैनात रहते हैं।
विज्ञापन