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पांच दिन के भीतर सरकार को सौंपेंगे मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट
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कुल्लू। सैंज के शैंशर निजी बस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। इसमें सैंज की दो बड़ी परियोजनाओं समेत कई विभागों के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
इस हादसे के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने कई विभागों के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था, इस पर सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच बिठाई है। मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने वीरवार को एनएचपीसी और एचपीपीसीएल के अधिकारियों के बयान कलमबद्ध किए हैं, जबकि निजी बस ऑपरेटर समेत छह अन्य लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। इसके अलावा सैंज के एक पावर प्रोजेक्ट चरण तृतीय के अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं, जबकि अब एक अन्य पावर प्रोजेक्ट चरण द्वितीय के बयान लेना शेष है। इससे पहले बुधवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने पुलिस, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य के बयान दर्ज किए थे। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त बस के परमिट की रिपोर्ट आना अभी शेष है, जिसे खंगालने में परिवहन विभाग जुटा हुआ है। बता दें कि सैंज के शैंशर में 4 जून को निजी बस जंगला के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। हादसे में सवार 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें केबल बस के चालक और परिचालक की जान ही बच पाई थी। उस दौरान सैकड़ों स्थानीय लोगों ने परियोजना से लेकर विभागों तक के अधिकारियों का घेराव किया था। उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकैक ने बताया कि दो परियोजना प्रबंधनों समेत एक अन्य प्रोजेक्ट के अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिन के भीतर सरकार को मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
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इस हादसे के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने कई विभागों के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था, इस पर सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच बिठाई है। मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने वीरवार को एनएचपीसी और एचपीपीसीएल के अधिकारियों के बयान कलमबद्ध किए हैं, जबकि निजी बस ऑपरेटर समेत छह अन्य लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। इसके अलावा सैंज के एक पावर प्रोजेक्ट चरण तृतीय के अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए हैं, जबकि अब एक अन्य पावर प्रोजेक्ट चरण द्वितीय के बयान लेना शेष है। इससे पहले बुधवार को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने पुलिस, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य के बयान दर्ज किए थे। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त बस के परमिट की रिपोर्ट आना अभी शेष है, जिसे खंगालने में परिवहन विभाग जुटा हुआ है। बता दें कि सैंज के शैंशर में 4 जून को निजी बस जंगला के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। हादसे में सवार 13 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें केबल बस के चालक और परिचालक की जान ही बच पाई थी। उस दौरान सैकड़ों स्थानीय लोगों ने परियोजना से लेकर विभागों तक के अधिकारियों का घेराव किया था। उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रशांत सरकैक ने बताया कि दो परियोजना प्रबंधनों समेत एक अन्य प्रोजेक्ट के अधिकारियों के बयान दर्ज किए हैं। उन्होंने कहा कि पांच दिन के भीतर सरकार को मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
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