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देवलुओं ने जड़ा अस्पताल के गेट पर ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sat, 19 Sep 2015 10:14 PM IST
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जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के गेट पर ताला देव समाज से जुड़े लोगों ने लगाया है। उनका दावा है कि यह भूमि तीन राजदेवियों की है। कार्यकर्ता शक्ति स्थल ढालपुर ठाकुर दास राणा का कहना है कि ये देवियां दशहरे के दौरान यहां अस्थायी शिविर में बैठती हैं।
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उनके मुताबिक गेट खुला रखने से लोग जूतों के साथ यहां से होकर अस्पताल जाते हैं, जिससे देवस्थल अपवित्र हो रहा है। इसके चलते इस गेट पर ताला लगाया गया है। उनके मुताबिक यहां से आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए रास्ता नहीं है। उन्होंने बताया कि टाउन प्लानिंग के नक्शे में भी यहां से रास्ता नहीं है। यह रास्ता साथ लगते होटल से होकर जाता है। यदि नक्शे में देवियों के नाम से बने प्रवेश द्वार से होकर अस्पताल के लिए रास्ता होगा तो इसको खुलवा दिया जाएगा। अब चाहे कारण कोई भी हो, अस्पताल प्रशासन के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। क्योंकि जहां से रास्ता कागजों में बताया जा रहा है वहां जिले के एक प्रभावशाली व्यक्ति का आलीशान होटल है। इसके चलते वहां से रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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ऐसे में अब सैकड़ों लोग अस्पताल कैसे पहुंच पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। गौरतलब है कि आयुर्वेदिक अस्पताल का आलीशान भवन एसपी कार्यालय, राजदेवियों के अस्थायी स्थल और एक होटल के बीचोंबीच बनाया गया है। इधर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. बसंत राम का कहना है कि निदेशालय को इसकी सूचना दी गई है। निदेशालय से आदेश आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जा सकती है। डीसी राकेश कंवर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। वह इस मामले में कुछ नहीं कह सकते हैं। उधर, भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह का कहना है कि वह अभी जिले से बाहर हैं। कुल्लू में आकर मामला देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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