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Kullu News: भूस्खलन से चंसारी स्कूल के नए भवन को खतरा
Sun, 07 Sep 2025 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 07 Sep 2025 10:18 PM IST
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पहाड़ी से भूस्खलन के साथ पेड़ भी धराशायी होकर गिरा
पहले से खतरे की जद में स्कूल, निजी भवन में लग रहीं कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। खराहल घाटी के राजकीय उच्च विद्यालय चंसारी के निर्माणाधीन भवन को खतरा बना हुआ है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी से भूस्खलन हुआ है और विशाल पेड़ भी धराशायी होकर गिर गया है। इस वजह से भवन के लिए लगाई गई सुरक्षा दीवार में दरारें आ गई हैं।
मलबा नए भवन की धरातल मंजिल में आ गया है। हालांकि दो सालों से विद्यार्थियों की पढ़ाई पुराना भवन क्षतिग्रस्त होने की वजह से निजी भवन में चल रही हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा और लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी और लापरवाही विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। विद्यालय के नए भवन के लिए जमीन और बजट दोनों होने के बावजूद भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में विद्यार्थियों को किराया देकर हर माह निजी भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि साल 1023 में हुए भूस्खलन से विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हालत में है, इसे गिराया जाएगा। नए भवन का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है जिस वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। उन्होंने कहा कि कई बार शिक्षा और लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई गई, लेकिन भवन नहीं बन पाया है। विद्यार्थियों को मजबूरन निजी भवन में किराया देकर पढ़ाना पड़ रहा है।
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पहले से खतरे की जद में स्कूल, निजी भवन में लग रहीं कक्षाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। खराहल घाटी के राजकीय उच्च विद्यालय चंसारी के निर्माणाधीन भवन को खतरा बना हुआ है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी से भूस्खलन हुआ है और विशाल पेड़ भी धराशायी होकर गिर गया है। इस वजह से भवन के लिए लगाई गई सुरक्षा दीवार में दरारें आ गई हैं।
मलबा नए भवन की धरातल मंजिल में आ गया है। हालांकि दो सालों से विद्यार्थियों की पढ़ाई पुराना भवन क्षतिग्रस्त होने की वजह से निजी भवन में चल रही हैं।
गौरतलब है कि शिक्षा और लोक निर्माण विभाग की लेटलतीफी और लापरवाही विद्यार्थियों की सुरक्षा और पढ़ाई पर भारी पड़ रही है। विद्यालय के नए भवन के लिए जमीन और बजट दोनों होने के बावजूद भवन का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में विद्यार्थियों को किराया देकर हर माह निजी भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि साल 1023 में हुए भूस्खलन से विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हालत में है, इसे गिराया जाएगा। नए भवन का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है जिस वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही। उन्होंने कहा कि कई बार शिक्षा और लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई गई, लेकिन भवन नहीं बन पाया है। विद्यार्थियों को मजबूरन निजी भवन में किराया देकर पढ़ाना पड़ रहा है।
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