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Kullu News: करपट गांव किया खाली, 22 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर ठहराया
Thu, 14 Aug 2025 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:51 AM IST
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उदयपुर/केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की मयाड़ घाटी में मंगलवार शाम आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ से करपट, छिंगुट एवं उदगोसे गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई स्थानों पर कृषि भूमि को आंशिक क्षति पहुंची है तथा कुछ मकानों और भूमि पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
घटना की सूचना प्राप्त होते ही उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किरण भड़ाना के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जलशक्ति विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी सक्रिय रूप से जुट गए।
प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल 10,000 रुपये की अंतरिम सहायता राशि प्रदान की गई। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन सामग्री, पेयजल एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति की गई। जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया गया।
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राजस्व विभाग की टीमों द्वारा घरों, कृषि भूमि, तथा अन्य संपत्तियों के नुक़सान का सर्वेक्षण किया जा रहा है। ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत व यातायात बहाली हेतु उपायुक्त द्वारा मौके पर ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत एवं पुनर्वास कार्य शीघ्र और प्रभावी ढंग से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने कहा आम जनता किसी भी सहायता या आपात सेवा की आवश्यकता होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग उदयपुर पवन राणा, नायब तहसीलदार उदयपुर रामदयाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
करपट, चांगुट, उरगोस, तिंगरेट और शकोली गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ के बाद लाहौल में करपट गांव को खाली कर दिया गया है। सभी 22 प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर ठहराया है। बीते मंगलवार को बाढ़ से पांच मकानों में बाढ़ का मलबा घुस गया था जबकि कुछ मकानों में हल्की दरारें भी आ गई हैं। वहीं 22 परिवारों की सुरक्षित स्थान पर टेंटों में रात कटी।
गौर रहे कि 20 से अधिक बीघा भूमि मलबे में दब गई है। खेतों में खड़ी फसलें बाढ़ की चपेट में आनेे से किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। मंगलवार को आई बाढ़ से तीन पुल बह गए थे। उधर पट्टन क्षेत्र के चोखंग–नेनगाहर संपर्क सड़क और कई आंतरिक मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया।
बुधवार को प्रशानसन की टीम ने करपट गांव के प्रभावित लोगों को राशन व जरूरी सामान उपलब्ध करवाया गया। इसके साथ ही सड़कों और पुलों की बहाली का काम शुरू कर दिया गया है।
लाहौल-स्पीति विधायक अनुराधा राणा ने बाढ़ को गंभीर आपदा बताते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने को कहा। उधर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने प्रशासन से राहत कार्य तेज करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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घटना की सूचना प्राप्त होते ही उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किरण भड़ाना के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य में लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, जलशक्ति विभाग तथा अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी सक्रिय रूप से जुट गए।
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प्रभावित प्रत्येक परिवार को तत्काल 10,000 रुपये की अंतरिम सहायता राशि प्रदान की गई। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन सामग्री, पेयजल एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति की गई। जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया गया।
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राजस्व विभाग की टीमों द्वारा घरों, कृषि भूमि, तथा अन्य संपत्तियों के नुक़सान का सर्वेक्षण किया जा रहा है। ग्रामीण संपर्क मार्गों की मरम्मत व यातायात बहाली हेतु उपायुक्त द्वारा मौके पर ही लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत एवं पुनर्वास कार्य शीघ्र और प्रभावी ढंग से पूर्ण किए जाएं।
उन्होंने कहा आम जनता किसी भी सहायता या आपात सेवा की आवश्यकता होने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग उदयपुर पवन राणा, नायब तहसीलदार उदयपुर रामदयाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
करपट, चांगुट, उरगोस, तिंगरेट और शकोली गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों में दहशत का माहौल है। बाढ़ के बाद लाहौल में करपट गांव को खाली कर दिया गया है। सभी 22 प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर ठहराया है। बीते मंगलवार को बाढ़ से पांच मकानों में बाढ़ का मलबा घुस गया था जबकि कुछ मकानों में हल्की दरारें भी आ गई हैं। वहीं 22 परिवारों की सुरक्षित स्थान पर टेंटों में रात कटी।
गौर रहे कि 20 से अधिक बीघा भूमि मलबे में दब गई है। खेतों में खड़ी फसलें बाढ़ की चपेट में आनेे से किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है। मंगलवार को आई बाढ़ से तीन पुल बह गए थे। उधर पट्टन क्षेत्र के चोखंग–नेनगाहर संपर्क सड़क और कई आंतरिक मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया।
बुधवार को प्रशानसन की टीम ने करपट गांव के प्रभावित लोगों को राशन व जरूरी सामान उपलब्ध करवाया गया। इसके साथ ही सड़कों और पुलों की बहाली का काम शुरू कर दिया गया है।
लाहौल-स्पीति विधायक अनुराधा राणा ने बाढ़ को गंभीर आपदा बताते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने को कहा। उधर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने प्रशासन से राहत कार्य तेज करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।