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सालों से कागजों में ही चला है जलोड़ी टनल का काम
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सैंज (कुल्लू)। कुल्लू जिला के दो विधानसभा क्षेत्र बंजार और आनी को जोड़ने वाली बहुप्रतिक्षित जलोड़ी टनल का निर्माण कार्य सालों से कागजों में बाहर नहीं निकल सका। आजादी के 75 वर्ष बाद भी बाहरी सराज की 69 पंचायतों के लोग जिला मुख्यालय से 12 महीने जुड़े रहने के इंतजार में हैं।
सर्दी के मौसम में जलोड़ी जोत दर्रा लोगों को परेशान करता है। भारी बर्फबारी से जलोड़ी दर्रा बंद हो जाता है। औट-सैंज-लुहरी हाईवे-305 पर सालभर वाहनों की आवाजाही जारी रखने के लिए खनाग से घयागी के बीच 4.2 किमी लंबी यातायात सुरंग बनाने की योजना 80 के दशक से चल रही है। सुरंग की अनुमानित लागत 364.65 करोड़ रुपये है। 2014 में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने टनल का सर्वे पूरा किया। फरवरी 2020 में केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने निर्माण की मंजूरी दी। हाल ही में डीपीआर बनाने के टेंडर हुए हैं। प्रस्तावित सुरंग के बनने से 100 किमी का सफर कम होगा। इससे बंजार और आनी के अलावा लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मंडी, शिमला और किन्नौर जिले के लाखों लोग लाभान्वित होंगे। लुहरी से कुल्लू की दूरी 120 किमी है। दर्रा बंद होने से लुहरी से करसोग होकर कुल्लू की दूरी 220 किमी हो जाती है। कुल्लू जिले के आनी व निरमंड क्षेत्र के लोग सबसे अधिक दिक्कत में है। ग्रामीण कर्म चंद, सुरेंद्र कुमार, दिनेश चंद और भोपाल ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी से जलोड़ी दर्रा नवंबर से मार्च तक वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रहता है। ऐसे में लोगों को मंडी जिले के करसोग होकर आना जाना पड़ता है। चंद्रा ठाकुर, निहाल चंद, नरेंद्र कुमार, भगत राम और राम सिंह ने कहा कि जलोड़ी टनल का इंतजार काफी लंबा हो गया है। टनल बनने से लोगों को सुविधा मिलेगी।
सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से नियमित रूप से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पत्राचार किया जा रहा है। भू अधिग्रहण और वन संरक्षण अधिनियम के अतिरिक्त कार्य के लिए विभाग की ओर से सलाहकार की नियुक्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। मंत्रालय की स्वीकृति मिलने पर निर्माण की आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। टनल निर्माण के लिए टेंडर बेसड एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे केंद्र सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। आनी के विधायक किशोरी लाल ने कहा कि इस डबललेन टनल के लिए प्रारंभिक औपचारिकताओं के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एनएच के अधिशासी अभियंता पीसी नेगी ने कहा कि जलोड़ी सुरंग की डीपीआर बनाने के लिए 11 जून 2021 को टेंडर निकल चुके हैं, जबकि भूमि अधिग्रहण सहित दूसरे डीपीआर के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए भी जल्द कार्य अवार्ड होने की संभावना हैं।
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सर्दी के मौसम में जलोड़ी जोत दर्रा लोगों को परेशान करता है। भारी बर्फबारी से जलोड़ी दर्रा बंद हो जाता है। औट-सैंज-लुहरी हाईवे-305 पर सालभर वाहनों की आवाजाही जारी रखने के लिए खनाग से घयागी के बीच 4.2 किमी लंबी यातायात सुरंग बनाने की योजना 80 के दशक से चल रही है। सुरंग की अनुमानित लागत 364.65 करोड़ रुपये है। 2014 में राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने टनल का सर्वे पूरा किया। फरवरी 2020 में केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने निर्माण की मंजूरी दी। हाल ही में डीपीआर बनाने के टेंडर हुए हैं। प्रस्तावित सुरंग के बनने से 100 किमी का सफर कम होगा। इससे बंजार और आनी के अलावा लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मंडी, शिमला और किन्नौर जिले के लाखों लोग लाभान्वित होंगे। लुहरी से कुल्लू की दूरी 120 किमी है। दर्रा बंद होने से लुहरी से करसोग होकर कुल्लू की दूरी 220 किमी हो जाती है। कुल्लू जिले के आनी व निरमंड क्षेत्र के लोग सबसे अधिक दिक्कत में है। ग्रामीण कर्म चंद, सुरेंद्र कुमार, दिनेश चंद और भोपाल ठाकुर ने कहा कि बर्फबारी से जलोड़ी दर्रा नवंबर से मार्च तक वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से बंद रहता है। ऐसे में लोगों को मंडी जिले के करसोग होकर आना जाना पड़ता है। चंद्रा ठाकुर, निहाल चंद, नरेंद्र कुमार, भगत राम और राम सिंह ने कहा कि जलोड़ी टनल का इंतजार काफी लंबा हो गया है। टनल बनने से लोगों को सुविधा मिलेगी।
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सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से नियमित रूप से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से पत्राचार किया जा रहा है। भू अधिग्रहण और वन संरक्षण अधिनियम के अतिरिक्त कार्य के लिए विभाग की ओर से सलाहकार की नियुक्ति के लिए निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। मंत्रालय की स्वीकृति मिलने पर निर्माण की आगामी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। टनल निर्माण के लिए टेंडर बेसड एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे केंद्र सरकार के समक्ष स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। आनी के विधायक किशोरी लाल ने कहा कि इस डबललेन टनल के लिए प्रारंभिक औपचारिकताओं के लिए सरकार ने दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एनएच के अधिशासी अभियंता पीसी नेगी ने कहा कि जलोड़ी सुरंग की डीपीआर बनाने के लिए 11 जून 2021 को टेंडर निकल चुके हैं, जबकि भूमि अधिग्रहण सहित दूसरे डीपीआर के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए भी जल्द कार्य अवार्ड होने की संभावना हैं।
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