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फिर सिरे नहीं चढ़ी जलोड़ी और भुभू जोत टनल
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। प्रदेश सरकार के अंतिम बजट से कुल्लू जिले में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को कई उम्मीदें थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। कारोबारियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इस बजट में भुभू जोत और जलोड़ी टनल निर्माण को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
पिछले 10 सालों से जलोड़ी टनल फाइलों में दफन है। इसकी दो बार टेंडर प्रक्रिया रद्द हुई है। अब तीसरी बार फिर शुरू हुई है। प्रदेश सरकार टनल के निर्माण में देरी कर रही है। इसका खामियाजा इनर व आउटर सराज के लोग झेल रहे हैं। बजट में कुल्लू के बिजली महादेव रोप वे का रास्ता भी साफ नहीं हुआ है। इससे बिजली महादेव रोप वे फिर फाइलों दबकर रह गया है। भुंतर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण बजट में नहीं हुआ है। इस बजट में जिले की कई परियोजनाएं ठंडे बस्ते में ही रह गए गई हैं। इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा अनछुए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कोई कारगर नीति बजट में प्रस्तावित नहीं है। जिले की कई सालों से लटकी परियोजनाओं के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। इसमें जिला कुल्लू के लिए झुनझुना ही मिला है।
कुल्लू को नहीं मिला कोई प्रोजेक्ट
प्रदेश सरकार के बजट में कुल्लू जिले को कोई प्रोजेक्ट नहीं मिला है। इससे लोगों ने बजट को नकार दिया है। हालांकि कुछ जिलों को बजट में बड़े प्रोजेक्ट मिले है, लेकिन कुल्लू के हाथ कुछ नहीं लगा। कुल्लू-मनाली के कारोबारी भी निराश हैं। बजट में पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली को सिर्फ झुनझुना ही मिला है।
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पर्यटन से जुड़े युवा निराश, मिलना था रोजगार
अगर कुल्लू जिले के अनछुए पर्यटन स्थल को विकसित किया जाता तो इससे युवाओं के लिए रोजगार के साधन खुल जाने थे। इससे युवा अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकते थे, लेकिन पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया है। युवा योगराज, राजेंद्र शर्मा, केहर सिंह व उमेश ने बताया कि पर्यटन स्थल विकसित होने से युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलने थे, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
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कुल्लू। प्रदेश सरकार के अंतिम बजट से कुल्लू जिले में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को कई उम्मीदें थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। कारोबारियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इस बजट में भुभू जोत और जलोड़ी टनल निर्माण को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
पिछले 10 सालों से जलोड़ी टनल फाइलों में दफन है। इसकी दो बार टेंडर प्रक्रिया रद्द हुई है। अब तीसरी बार फिर शुरू हुई है। प्रदेश सरकार टनल के निर्माण में देरी कर रही है। इसका खामियाजा इनर व आउटर सराज के लोग झेल रहे हैं। बजट में कुल्लू के बिजली महादेव रोप वे का रास्ता भी साफ नहीं हुआ है। इससे बिजली महादेव रोप वे फिर फाइलों दबकर रह गया है। भुंतर हवाई अड्डे का विस्तारीकरण बजट में नहीं हुआ है। इस बजट में जिले की कई परियोजनाएं ठंडे बस्ते में ही रह गए गई हैं। इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा अनछुए पर्यटन स्थलों के विकास के लिए कोई कारगर नीति बजट में प्रस्तावित नहीं है। जिले की कई सालों से लटकी परियोजनाओं के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है। इसमें जिला कुल्लू के लिए झुनझुना ही मिला है।
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कुल्लू को नहीं मिला कोई प्रोजेक्ट
प्रदेश सरकार के बजट में कुल्लू जिले को कोई प्रोजेक्ट नहीं मिला है। इससे लोगों ने बजट को नकार दिया है। हालांकि कुछ जिलों को बजट में बड़े प्रोजेक्ट मिले है, लेकिन कुल्लू के हाथ कुछ नहीं लगा। कुल्लू-मनाली के कारोबारी भी निराश हैं। बजट में पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली को सिर्फ झुनझुना ही मिला है।
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पर्यटन से जुड़े युवा निराश, मिलना था रोजगार
अगर कुल्लू जिले के अनछुए पर्यटन स्थल को विकसित किया जाता तो इससे युवाओं के लिए रोजगार के साधन खुल जाने थे। इससे युवा अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ कर सकते थे, लेकिन पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया है। युवा योगराज, राजेंद्र शर्मा, केहर सिंह व उमेश ने बताया कि पर्यटन स्थल विकसित होने से युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलने थे, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।