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कुल्लू: पारंपरिक धनुष बाण चलते ही जगदंग पूणा उत्सव शुरू
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लाहौल में जगदंग पूणा का आगाज करते लाहौलवासी
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र चंद्राघाटी की ग्राम पंचायत सिस्सू में पारंपरिक धनुष बाण चलते ही जगदंग पूणा उत्सव शुरू हो गया है।
शून्य से नीचे चल रहे तापमान के बीच सिस्सू, जगदंग और यंगलिंग के ग्रामीण देवता राजा घेपन के स्थल यंगलिंग थान में एकत्रित हुए और कोरतुम पूूजा की। लाहौल के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन की ग्रामीणों ने कोरतुम पूजा की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता का आह्वान किया।
शाम के समय कागज पर चूरू और बछड़े बनाकर उन पर पारंपरिक धनुष से बाण चलाकर डरोंग थेपची विधि का निर्वहन किया गया। मंगलवार को पोपुना मनाया जाएगा, जिसमें देवता राजा घेपन समेत समस्त देवी-देवताओं का आह्वान ढोल-नगाड़ों और अन्य वाद्ययंत्रों से किया जाएगा। बुधवार को लामोई का आयोजन किया जाएगा।
इस दिन देवता राजा घेपन गूर के माध्यम से पूरे साल के लिए भविष्यवाणी भी करेंगे। इस संबंध में सिस्सू पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच ने कहा कि मान्यता है कि तपस्या में लीन देवता यंगलिंग थान से लामोई पूजा के लिए ग्रामीणों के साथ एक दिन की यात्रा पर निकलते हैं। कहा कि ग्रामीण इस दिन का इंतजार सालभर करते हैं। संवाद
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शून्य से नीचे चल रहे तापमान के बीच सिस्सू, जगदंग और यंगलिंग के ग्रामीण देवता राजा घेपन के स्थल यंगलिंग थान में एकत्रित हुए और कोरतुम पूूजा की। लाहौल के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन की ग्रामीणों ने कोरतुम पूजा की और ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता का आह्वान किया।
शाम के समय कागज पर चूरू और बछड़े बनाकर उन पर पारंपरिक धनुष से बाण चलाकर डरोंग थेपची विधि का निर्वहन किया गया। मंगलवार को पोपुना मनाया जाएगा, जिसमें देवता राजा घेपन समेत समस्त देवी-देवताओं का आह्वान ढोल-नगाड़ों और अन्य वाद्ययंत्रों से किया जाएगा। बुधवार को लामोई का आयोजन किया जाएगा।
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इस दिन देवता राजा घेपन गूर के माध्यम से पूरे साल के लिए भविष्यवाणी भी करेंगे। इस संबंध में सिस्सू पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच ने कहा कि मान्यता है कि तपस्या में लीन देवता यंगलिंग थान से लामोई पूजा के लिए ग्रामीणों के साथ एक दिन की यात्रा पर निकलते हैं। कहा कि ग्रामीण इस दिन का इंतजार सालभर करते हैं। संवाद
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