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Kullu News: यौन उत्पीड़न अधिनियम का पालन करना संस्थानों की जिम्मेदारी
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कुल्लू। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के प्रावधानों को लेकर मंगलवार को क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से किया गया। इसमें प्राधिकरण के सचिव विशाल तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विशाल तिवारी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम-2013 का प्रभावी और सख्ती से पालन सुनिश्चित करना सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों, फैक्ट्रियों, कंपनियों, स्कूलों और कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य है।
इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्यस्थल सुनिश्चित करना है, ताकि वे बिना किसी भय या भेदभाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर, जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संवाद
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विशाल तिवारी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम-2013 का प्रभावी और सख्ती से पालन सुनिश्चित करना सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों, निजी संस्थानों, फैक्ट्रियों, कंपनियों, स्कूलों और कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन अनिवार्य है।
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इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिनियम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और संवेदनशील कार्यस्थल सुनिश्चित करना है, ताकि वे बिना किसी भय या भेदभाव के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा ठाकुर, जन शिक्षा संप्रेक्षण अधिकारी निर्मला महंत सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संवाद
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