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Kullu News: भारी बारिश से उतरा अनार का रंग, कड़वाहट में बदली मिठास
Sat, 11 Oct 2025 09:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 11 Oct 2025 09:47 PM IST
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लगातार बारिश के कारण बगीचों में ही खराब हो गई अनार की 40 फीसदी फसल
बागवान बोले- बचे हुए फल के अंदर लाल रस की जगह दिख रहे हैं काले दाने
सेब, प्लम, नाशपाती और जापानी फल के बाद अनार की फसल को भी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले की वादियों में इस बार अनार की मिठास कड़वाहट में बदल गई है। लगातार बारिश और समय से पहले फलों के पकने से अनार न सिर्फ सड़ गए, बल्कि बागवानों की उम्मीदें भी जमीन पर गिर पड़ी हैं।
करीब 40 फीसदी फसल बगीचों में ही खराब हो गई है। जो फल बचे हैं, उनके अंदर अब लाल रस की जगह काले दाने दिखने लगे हैं। इस प्राकृतिक मार ने बागवानी को न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि बागवानों के हौसले को भी झकझोर कर रख दिया है।
पहले ओलावृष्टि फिर अत्यधिक बरसात होने से सेब, प्लम, नाशपाती और जापानी फल सहित अनार को कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। अब अनार का सीजन भी अंतिम चरण में है। इस बार अधिक बारिश की वजह से सड़ने से करीब 40 फीसदी अनार का फल जमीन पर गिर गया है। ज्यादा बारिश के चलते फल के अंदर दाने भी काले हो रहे हैं। इससे उत्पादकों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। गत वर्ष की तुलना में इस साल अनार सहित तमाम फलों के दाम बागवानों को मुनासिब नहीं मिलने से भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। आपदा के कारण सड़कें बंद होने होने से सेब समय पर मंडियों न पहुंचने से बागवानों को खासा नुकसान हुआ है। मंडियों में भी सेब सहित अन्य फलों को दाम भी उचित नहीं मिल रहे हैं।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों का सेब भी मंडियों में कम दाम पर बिक रहा है। अनार उत्पादक सुनू राम, दुष्यंत ठाकुर, विशाल महंत, नारायण ठाकुर, अनिश और मुनीश भंडारी ने कहा कि अत्यधिक बरसात के कारण फलों की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं बन पाई है। बागवानों को मंडियों में उम्दा दाम नहीं मिले हैं। अब फल अधिक पकने से अंदर के दाने भूरे होने लगे हैं। उधर, कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने बताया कि इस बार अत्यधिक बरसात होने के कारण तमाम फलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे बागवानों को आर्थिक तौर पर काफी नुकसान झेलना पड़ा है।
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बागवान बोले- बचे हुए फल के अंदर लाल रस की जगह दिख रहे हैं काले दाने
सेब, प्लम, नाशपाती और जापानी फल के बाद अनार की फसल को भी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले की वादियों में इस बार अनार की मिठास कड़वाहट में बदल गई है। लगातार बारिश और समय से पहले फलों के पकने से अनार न सिर्फ सड़ गए, बल्कि बागवानों की उम्मीदें भी जमीन पर गिर पड़ी हैं।
करीब 40 फीसदी फसल बगीचों में ही खराब हो गई है। जो फल बचे हैं, उनके अंदर अब लाल रस की जगह काले दाने दिखने लगे हैं। इस प्राकृतिक मार ने बागवानी को न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि बागवानों के हौसले को भी झकझोर कर रख दिया है।
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पहले ओलावृष्टि फिर अत्यधिक बरसात होने से सेब, प्लम, नाशपाती और जापानी फल सहित अनार को कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। अब अनार का सीजन भी अंतिम चरण में है। इस बार अधिक बारिश की वजह से सड़ने से करीब 40 फीसदी अनार का फल जमीन पर गिर गया है। ज्यादा बारिश के चलते फल के अंदर दाने भी काले हो रहे हैं। इससे उत्पादकों को उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। गत वर्ष की तुलना में इस साल अनार सहित तमाम फलों के दाम बागवानों को मुनासिब नहीं मिलने से भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। आपदा के कारण सड़कें बंद होने होने से सेब समय पर मंडियों न पहुंचने से बागवानों को खासा नुकसान हुआ है। मंडियों में भी सेब सहित अन्य फलों को दाम भी उचित नहीं मिल रहे हैं।
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ऊंचाई वाले क्षेत्रों का सेब भी मंडियों में कम दाम पर बिक रहा है। अनार उत्पादक सुनू राम, दुष्यंत ठाकुर, विशाल महंत, नारायण ठाकुर, अनिश और मुनीश भंडारी ने कहा कि अत्यधिक बरसात के कारण फलों की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं बन पाई है। बागवानों को मंडियों में उम्दा दाम नहीं मिले हैं। अब फल अधिक पकने से अंदर के दाने भूरे होने लगे हैं। उधर, कुल्लू सदर फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने बताया कि इस बार अत्यधिक बरसात होने के कारण तमाम फलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे बागवानों को आर्थिक तौर पर काफी नुकसान झेलना पड़ा है।