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सार्वजनिक स्थान, यात्रा पर जाते एन-95 मास्क पहनें

Fri, 14 Feb 2020 10:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 10:12 PM IST
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health
कुल्लू। कोरोना वायरस के कहर से चीन में प्रतिदिन सैकड़ों लोग चपेट में आ रहे हैं। इसे लेकर जिला आयुर्वेदिक अस्पताल भी सचेत हो गया है। पड़ोसी देश चीन के साथ-साथ विश्व के दो दर्जन से अधिक देशों में फैल चुके जानलेवा कोरोना वायरस से बचाव को लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देश पर आयुर्वेदिक अस्पताल में लोगों को वायरस से बचने के नुसखों की जानकारी दी जा रही है।
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हालांकि कुल्लू जिले में अभी तक इस वायरस का कोई खतरा नहीं है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी नजर रखे हुए है। आयुर्वेदिक अस्पताल के अधिकारियों ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना आरंभ कर दिया है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के वरिष्ठ सहायक यशवंत सिंह ने कहा कि कुल्लू जिले में कोरोना वायरस से बचाव के लिए आयुष विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने सलाह दी है। संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। विभाग ने लोगों से इसे लेकर बहुत सावधानी बरतने की एडवाइजरी जारी की है। उधर, अस्पताल के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक अधिकारी जसविंद्र कपूर ने कहा कि आयुष विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लोगों को कोरोना वायरस की रोकथाम के उपाय बता रहे हैं। जब व्यक्ति के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है तो बीमारी का असर अधिक होने लगता है। उन्होंने कहा कि लोग व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें। साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं। हाथ धोए बिना अपनी आंखें, नाक और मुंह को छूने से बचे। जो लोग बीमार हैं, उनके संपर्क में आने से बचे। संक्रमण से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय या काम करते समय एक एन-95 मास्क का उपयोग करें।
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इस तरह करें कोरोना वायरस से बचाव
आयुर्वेदिक विभाग के अनुसार स्वस्थ आहार और जीवन शैली के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उपाय किए जा सकते हैं। त्रिकटु (पिप्पली, मारीच और शुंठी) पाउडर 5 ग्राम, तुलसी व मुलेठी की 3-4 पत्तियां एक लीटर पानी में तब तक उबालें जब तक यह आधा लीटर न हो जाए। इसे एक बोतल में रख लें। आवश्यकतानुसार और जब चाहे तब घूंट में लेते रहें। प्रतिमार्स नास्य-प्रत्येक नथुने में प्रतिदिन सुबह अनु तेल या तिल के तेल की दो बूंद डालें। इससे मनुष्य के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
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