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Kullu News: पेड़ों से गिर रही नाशपाती से बागवान परेशान
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कमजोर मानसून के चलते पेश आई समस्या, बगीचों में कम हो गई है नमी
बागवानों को उठाना पड़ रहा नुकसान, दाम भी गिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कमजोर मानसून के कारण गर्मी और खेतों में नमी कम होने से नाशपाती के पौधों में फलों की ड्राॅपिंग हो रही है। पेड़ों से नाशपाती गिर रही है। तैयार फसल में हो रही ड्राॅपिंग से बागवान परेशान हैं। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले के कई बगीचों में ड्राॅपिंग की समस्या अधिक है। पानी वाली जगहों में नाशपाती कम गिर रही है। दूसरी ओर मंडियों में नाशपाती 60 रुपये से घटकर 40 से 50 रुपये प्रतिकिलो तक आ गई है। बेहतर गुणवत्ता वाली नाशपाती के ही 50 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिल रहे हैं। बागवान दुनी चंद राणा, कुलदीप सिंह नेगी ने कहा कि मानसून में कम बारिश हुई, जिसके चलते नाशपाती का आकार भी नहीं बन पाया। अब बगीचों में नमी कम होने पर फल नीचे गिर रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश ठीक रहने पर ड्रॉपिंग की समस्या पेश नहीं आती है।
नाशपाती बेहद नाजुक फल होता है। तोड़ने के बाद यह पककर खराब हो जाती है। ऐसे में बागवानों ने अब नाशपाती के तुड़ान में तेजी लाई है। अगस्त के पहले सप्ताह तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाशपाती का सीजन लगभग समाप्त हो जाएगा। सब्जी मंडी बंदरोल के आढ़ती संजय ठाकुर ने कहा कि अच्छी क्वालिटी और ग्रीन नाशपाती की व्यापारियों में अच्छी मांग है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि बारिश होने से सेब और अन्य फलदार पौधों में जान आएगी। 000
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बागवानों को उठाना पड़ रहा नुकसान, दाम भी गिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। कमजोर मानसून के कारण गर्मी और खेतों में नमी कम होने से नाशपाती के पौधों में फलों की ड्राॅपिंग हो रही है। पेड़ों से नाशपाती गिर रही है। तैयार फसल में हो रही ड्राॅपिंग से बागवान परेशान हैं। इससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले के कई बगीचों में ड्राॅपिंग की समस्या अधिक है। पानी वाली जगहों में नाशपाती कम गिर रही है। दूसरी ओर मंडियों में नाशपाती 60 रुपये से घटकर 40 से 50 रुपये प्रतिकिलो तक आ गई है। बेहतर गुणवत्ता वाली नाशपाती के ही 50 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिल रहे हैं। बागवान दुनी चंद राणा, कुलदीप सिंह नेगी ने कहा कि मानसून में कम बारिश हुई, जिसके चलते नाशपाती का आकार भी नहीं बन पाया। अब बगीचों में नमी कम होने पर फल नीचे गिर रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश ठीक रहने पर ड्रॉपिंग की समस्या पेश नहीं आती है।
नाशपाती बेहद नाजुक फल होता है। तोड़ने के बाद यह पककर खराब हो जाती है। ऐसे में बागवानों ने अब नाशपाती के तुड़ान में तेजी लाई है। अगस्त के पहले सप्ताह तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाशपाती का सीजन लगभग समाप्त हो जाएगा। सब्जी मंडी बंदरोल के आढ़ती संजय ठाकुर ने कहा कि अच्छी क्वालिटी और ग्रीन नाशपाती की व्यापारियों में अच्छी मांग है। बागवानी विभाग के उपनिदेशक बीएम चौहान ने कहा कि बारिश होने से सेब और अन्य फलदार पौधों में जान आएगी। 000
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