ड्यूटी में कोताही बरतने पर फोरेस्ट गार्ड सस्पेंड
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ड्यूटी में कोताही बरतने पर वन विभाग शिल्ला बीट के वन रक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। वन रक्षक को सस्पेंड कर वन विभाग के शमशी कार्यालय में लगाया गया है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने शाट में एक टिप्पर से देवदार के 30 नग बरामद किए। इस मामले में फोरेस्ट गार्ड की लापरवाही पाई गई। जिस पर सख्त कार्रवाई करते हुए डीएफओ पार्वती ने फोरेस्ट गार्ड को सस्पेंड कर दिया। बुधवार को वन विभाग की एक टीम ने शाट में नाका लगाकर वाहनों की जांच की। गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने टिप्पर की तलाशी ली। इसमें देवदार के नग पाए गए। टिप्पर से देवदार के तीस नग बरामद किए। टीम ने चालक से लकड़ी के बारे में पूछताछ की तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
हालांकि मामले में चालक की कोई गलती नहीं पाई जा रही है, लेकिन अवैध स्लीपरों के पीछे किसी अन्य का हाथ बताया जा रहा है। टीम ने 30 स्लीपर को अपने कब्जे में ले लिया। वहीं विभाग की इस दबिश के साथ मणिकर्ण घाटी वन काटुओं में हड़कंप मच गया है। वन रक्षक के सस्पेंड होने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। इधर, डीएफओ पार्वती हीरा लाल राणा ने कहा कि बुधवार को वन विभाग की टीम ने शाट में एक वाहन से देवदार के 30 स्लीपर बरामद किए। इसमें वन रक्षक की लापरवाही नजर आई। जिसके बाद वन रक्षक को सस्पेंड किया गया। सस्पेंड वन रक्षक को अब शमशी स्थित कार्यालय में लगाया गया है। वन विभाग की वन काटुओं के खिलाफ मुहिम आगे भी जारी रहेगी।