{"_id":"6a8c843c0a51113ce10b21b2","slug":"road-buried-under-debris-villagers-suffering-the-brunt-department-turns-a-blind-eye-kullu-news-c-89-1-ssml1015-184945-2026-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: मलबे में दबी राह, दंश झेल रहे ग्रामीण, विभाग ने मूंदी आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: मलबे में दबी राह, दंश झेल रहे ग्रामीण, विभाग ने मूंदी आंखें
विज्ञापन
ग्राउंड रिपोर्ट--पतलीकूहल-शिल्हा-हल्लाण सड़क पर दड़ीगचा नामक स्थान में हो रहे भूस्खलन से आया
कुल्लू। विकास खंड नग्गर की दो ग्राम पंचायतों की राह एक साल से मलबे में दब गई है। ग्रामीणों की बेबसी लोक निर्माण विभाग को नहीं दिख रही है। एक साल से ग्रामीण करीब चार किलोमीटर तक का सफर पैदल ही करने को मजबूर हैं। सितंबर 2025 की आपदा में 14 किलोमीटर लंबा पतलीकूहल-शिल्हा हलाण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था।
इसके बाद विभाग ने मार्ग को दुरुस्त तो किया लेकिन दड़ीगचा के पास पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए। अब विभाग ने यहां देखना ही बंद कर दिया है। इससे एचआरटीसी की बस भी दड़ीगचा से लौट आती है।
इससे दो पंचायतों शिल्हा हलाण और हलाण-2 के सात गांवों के निवासी दड़ीगचा से आगे पैदल ही सफर करने के लिए मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता डोले राम ने कहा कि पतलीकूहल-हल्लाण-दो सड़क की मरम्मत का काम जारी है। दड़ीगचा में भूस्खलन रोकने के लिए विभागीय प्रयास जारी हैं। जल्द टेंडर करवाकर डंगा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
.....
करीब एक साल से पतलीकूहल-शिल्हा-हल्लाण सड़क पर निर्धारित गंतव्य तक एचआरटीसी की बस नहीं पहुंच पा रही है। बस का संचालन आधे रास्ते तक हो रहा है। इसके कारण विद्यार्थियों, प्रशिक्षुओं, मरीजों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों को कम से कम चार किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है।
-नितिन ठाकुर, स्थानीय निवासी।
....
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। दड़ीगचा नामक स्थान पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके कारण साथ लगते दो घरों को खतरा बना हुआ है। समय रहते भूस्खलन को रोकने की दिशा में कार्य नहीं हुआ, तो जानमाल का नुकसान हो सकता है।
-तेजा सिंह, स्थानीय निवासी
.......
पतलीकूहल-शिल्हा-हल्लाण सड़क पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा दड़ीगचा तक जारी है। दड़ीगचा से बस को वापस मोड़ा जा रहा है। हादसे का खतरा देखते हुए बस को जीरो पॉइंट हल्लाण तक नहीं भेजा जा रहा है। इस वजह से सात गांवों के निवासियों को रोजाना पैदल सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में पीह, मगाणा, मकोट, काईन, पानकोट आदि गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आ रही है और सफर पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इसके बाद विभाग ने मार्ग को दुरुस्त तो किया लेकिन दड़ीगचा के पास पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए। अब विभाग ने यहां देखना ही बंद कर दिया है। इससे एचआरटीसी की बस भी दड़ीगचा से लौट आती है।
विज्ञापन
इससे दो पंचायतों शिल्हा हलाण और हलाण-2 के सात गांवों के निवासी दड़ीगचा से आगे पैदल ही सफर करने के लिए मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार लोगों को झेलनी पड़ रही है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता डोले राम ने कहा कि पतलीकूहल-हल्लाण-दो सड़क की मरम्मत का काम जारी है। दड़ीगचा में भूस्खलन रोकने के लिए विभागीय प्रयास जारी हैं। जल्द टेंडर करवाकर डंगा लगाया जाएगा।
विज्ञापन
.....
करीब एक साल से पतलीकूहल-शिल्हा-हल्लाण सड़क पर निर्धारित गंतव्य तक एचआरटीसी की बस नहीं पहुंच पा रही है। बस का संचालन आधे रास्ते तक हो रहा है। इसके कारण विद्यार्थियों, प्रशिक्षुओं, मरीजों को रोजाना परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों को कम से कम चार किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है।
-नितिन ठाकुर, स्थानीय निवासी।
....
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। दड़ीगचा नामक स्थान पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसके कारण साथ लगते दो घरों को खतरा बना हुआ है। समय रहते भूस्खलन को रोकने की दिशा में कार्य नहीं हुआ, तो जानमाल का नुकसान हो सकता है।
-तेजा सिंह, स्थानीय निवासी
.......
पतलीकूहल-शिल्हा-हल्लाण सड़क पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा दड़ीगचा तक जारी है। दड़ीगचा से बस को वापस मोड़ा जा रहा है। हादसे का खतरा देखते हुए बस को जीरो पॉइंट हल्लाण तक नहीं भेजा जा रहा है। इस वजह से सात गांवों के निवासियों को रोजाना पैदल सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में पीह, मगाणा, मकोट, काईन, पानकोट आदि गांवों के ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आ रही है और सफर पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।