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Kullu News: आठ दिन बाद भी खाद्य सैंपल की नहीं मिली रिपोर्ट, बीमार बच्चों के अभिभावक भड़के

Thu, 27 Aug 2026 05:40 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 27 Aug 2026 05:40 AM IST
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Food sample report not received even after eight days; parents of sick children furious.
राजकीय प्राथमिक स्कूल बच्चों के अ​भिभावक एडीएम कुल्लू से मिलने पहुंचे। संवाद
कुल्लू। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में मिड-डे मील की खीर खाने से करीब 40 बच्चों के बीमार होने के मामले में अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा।
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सोमवार को अभिभावक एडीएम कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन को 12 सूत्री मांगपत्र सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन और मिड-डे मील तैयार करने वालों की लापरवाही के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पानी के सैंपल की रिपोर्ट सही पाई गई है लेकिन खाद्य वस्तुओं के लिए लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आठ दिन बाद भी सामने नहीं आई है।
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रिपोर्ट में देरी को लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताई और प्रशासन से जांच प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की।अभिभावक देवेंद्र सोनी, मेहर चंद, अमर, आशीष, अमर चंद, विजय, ईश्वर, सुनील कुमार, राम कुमार और निशा आदि ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच कमेटी गठित की जाए।
उन्होंने कहा कि कमेटी की निगरानी जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारी करें, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों, मिड-डे मील वर्करों समेत अन्य स्टाफ को बदलने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक खाद्य वस्तुओं की जांच रिपोर्ट नहीं आएगी, तब तक वे बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। उधर, अतिरिक्त दंडाधिकारी सुरजीत सिंह राठौर ने प्रतिनिधिमंडल को मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

बच्चों की सेहत पूरी तरह ठीक नहीं, एक छात्रा नेरचौक रेफर
महिला मंडल प्रधान रीना ने बताया कि बच्चों का स्वास्थ्य अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। इसी वजह से अभिभावक फिलहाल बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। चार बच्चे अस्पताल में उपचाराधीन थे, इनमें से तीन को छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक छात्रा की हालत खराब होने पर उसे नेरचौक रेफर किया गया है। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन बच्चों को निर्धारित समय से पहले ही शाम को करीब 4 बजे घर भेज दिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें घर भेजा गया तो अभिभावकों को तत्काल और स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई।
18 अगस्त का है मामला
18 अगस्त को राजकीय प्राथमिक पाठशाला बाड़ी में मिड-डे मील के तहत बच्चों को खीर परोसी गई थी। इसके बाद करीब 40 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी।
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