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क्या आम लोगों को सुविधा का अधिकार नहीं है?
ब्यूरो, अमर उजाला/कुल्लू
Updated Thu, 19 Nov 2015 10:27 PM IST
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कुल्लू। सीएम के आगमन पर रातों रात कोटला गांव के लिए सड़क चौड़ी करना लोनिवि के गले के लिए बड़ा फंदा बन गया है।
लोनिवि ने रातों रात सड़क का निर्माण कर सीएम को तो गांव तक पहुंचा दिया, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि पहले सड़क को लोनिवि ने चौड़ा क्यों नहीं किया। क्या सुविधाएं केवल वीआईपी के लिए हैं? या फिर इन पर आम लोगों का कोई अधिकार नहीं? हालांकि लोक निर्माण का दावा था कि सड़क निर्माण के लिए लोग जमीन नहीं दे रहे हैं, जबकि पता चला है कि गांव के लिए बने लिंक रोड का निर्माण पंचायत ने किया है। वहीं पंचायत की ओर से कई बार इस सड़क को लोक निर्माण विभाग के अंडर लेने को भी कहा गया, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए। वहीं जिस सड़क के लिए गांव वालों द्वारा जमीन न देने का रोना विभाग रो रहा है, वह गांव के लिए कोई दूसरी सड़क है।
जिला परिषद सदस्य निर्मला महंत का कहना है कि उक्त सड़क का निर्माण पंचायत ने करवाया है। वहीं कई बार लोक निर्माण विभाग से भी सड़क को अपने अंडर लेने की मांग की जा चुकी है ताकि सड़क को और चौड़ा किया जा सके, लेकिन ऐसा आज तक नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो सड़क सीएम के आगम पर चौड़ी हो सकती है तो फिर आम लोगों के लिए क्यों नहीं?
इधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रवि सोनी ने बताया कि जब तक बीडीओ कार्यालय की ओर से सड़क को लोक निर्माण विभाग को सौंपने का प्रस्ताव नहीं आता, तब सड़क को लोक निर्माण विभाग इसे अपने अंडर नहीं ले सकता है।
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लोनिवि ने रातों रात सड़क का निर्माण कर सीएम को तो गांव तक पहुंचा दिया, लेकिन अब सवाल यह उठता है कि पहले सड़क को लोनिवि ने चौड़ा क्यों नहीं किया। क्या सुविधाएं केवल वीआईपी के लिए हैं? या फिर इन पर आम लोगों का कोई अधिकार नहीं? हालांकि लोक निर्माण का दावा था कि सड़क निर्माण के लिए लोग जमीन नहीं दे रहे हैं, जबकि पता चला है कि गांव के लिए बने लिंक रोड का निर्माण पंचायत ने किया है। वहीं पंचायत की ओर से कई बार इस सड़क को लोक निर्माण विभाग के अंडर लेने को भी कहा गया, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए। वहीं जिस सड़क के लिए गांव वालों द्वारा जमीन न देने का रोना विभाग रो रहा है, वह गांव के लिए कोई दूसरी सड़क है।
जिला परिषद सदस्य निर्मला महंत का कहना है कि उक्त सड़क का निर्माण पंचायत ने करवाया है। वहीं कई बार लोक निर्माण विभाग से भी सड़क को अपने अंडर लेने की मांग की जा चुकी है ताकि सड़क को और चौड़ा किया जा सके, लेकिन ऐसा आज तक नहीं हो पाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो सड़क सीएम के आगम पर चौड़ी हो सकती है तो फिर आम लोगों के लिए क्यों नहीं?
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इधर, इस बारे में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रवि सोनी ने बताया कि जब तक बीडीओ कार्यालय की ओर से सड़क को लोक निर्माण विभाग को सौंपने का प्रस्ताव नहीं आता, तब सड़क को लोक निर्माण विभाग इसे अपने अंडर नहीं ले सकता है।
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