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पार्वती घाटी में कई इलाकों में बिजली, पानी और यातायात ठप
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कुल्लू जिला के मणिकर्ण घाटी के कसोल के समीप सड़क पर आया मलबा।-संवाद
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बरसात से पार्वती घाटी का जनजीवन ठहर सा गया है। पार्वती घाटी के कई इलाकों में बिजली, पानी और यातायात ठप पड़ गया है। मलाणा, चोज तथा तोश सहित पार्वती घाटी के पर्यटन स्थलों में सैकड़ों सैलानी फंस गए हैं।
जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने से भुंतर-मणिकर्ण मार्ग 10:00 घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा। इससे आम लोगों के साथ पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से बहे पैदल पुल से चोज गांव का संपर्क घाटी से पूरी तरह से कट गया है। मलाणा नाले में भी बाढ़ से मणिकर्ण-मलाणा सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई और इसमें कई वाहन फंसे हुए हैं। इस घटना में कुछ वाहनों के भी बहने की भी सूचना है।
मणिकर्ण होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि भुंतर-मणिकर्ण, मणिकर्ण मलाणा सहित कई मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने सरकार से बाढ़ में बह गए चोज पुल का जल्द निर्माण करने की बात कही। इस दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के साथ पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया। इसके अलावा बंजार, सैंज, लगवैली में भी जगहों पर सड़कों पर भूस्खलन का मलबा व पत्थर गिरने का दौर जारी रहा।
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नदी-नालों से दूर रहें पर्यटक और स्थानीय लोग
कुल्लू। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों से दूर रहें। सेल्फी या फोटोग्राफी के लिए पर्यटक नदी में न उतरें। भारी बारिश की चेतावनी के दौरान अनावश्यक यात्रा को टालें। नदी के किनारे कैंप साइट से पर्यटक परहेज करें और पर्यटन कारोबारी भी इस संबंध में सहयोग करें। भूस्खलन वाले स्थानों पर सभी लोग विशेष एहतियात बरतें। उनका कहना है कि मानसून से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद है।
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कुल्लू। बरसात से पार्वती घाटी का जनजीवन ठहर सा गया है। पार्वती घाटी के कई इलाकों में बिजली, पानी और यातायात ठप पड़ गया है। मलाणा, चोज तथा तोश सहित पार्वती घाटी के पर्यटन स्थलों में सैकड़ों सैलानी फंस गए हैं।
जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने से भुंतर-मणिकर्ण मार्ग 10:00 घंटे तक यातायात के लिए बंद रहा। इससे आम लोगों के साथ पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बादल फटने के बाद आई बाढ़ से बहे पैदल पुल से चोज गांव का संपर्क घाटी से पूरी तरह से कट गया है। मलाणा नाले में भी बाढ़ से मणिकर्ण-मलाणा सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई और इसमें कई वाहन फंसे हुए हैं। इस घटना में कुछ वाहनों के भी बहने की भी सूचना है।
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मणिकर्ण होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशन ठाकुर ने कहा कि भुंतर-मणिकर्ण, मणिकर्ण मलाणा सहित कई मार्ग भूस्खलन से प्रभावित हो गए हैं। उन्होंने सरकार से बाढ़ में बह गए चोज पुल का जल्द निर्माण करने की बात कही। इस दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के साथ पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों को दौरा किया। इसके अलावा बंजार, सैंज, लगवैली में भी जगहों पर सड़कों पर भूस्खलन का मलबा व पत्थर गिरने का दौर जारी रहा।
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नदी-नालों से दूर रहें पर्यटक और स्थानीय लोग
कुल्लू। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों से दूर रहें। सेल्फी या फोटोग्राफी के लिए पर्यटक नदी में न उतरें। भारी बारिश की चेतावनी के दौरान अनावश्यक यात्रा को टालें। नदी के किनारे कैंप साइट से पर्यटक परहेज करें और पर्यटन कारोबारी भी इस संबंध में सहयोग करें। भूस्खलन वाले स्थानों पर सभी लोग विशेष एहतियात बरतें। उनका कहना है कि मानसून से निपटने के लिए प्रशासन मुस्तैद है।