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मिड-डे मील वर्कर्स के साथ हो रहा भेदभाव : प्रेम गौतम
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बैठक में 10 के स्थान पर 12 माह का मानदेय देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सीटू के महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। शनिवार को मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक सीटू कार्यालय कुल्लू में हुई। इसमें सीटू के महासचिव प्रेम गौतम विशेष तौर पर उपस्थित रहे। निर्णय लिया कि 22 जून को मिड-डे मील वर्कर्स विद्यालयों में भोजन नहीं बनाएंगे और शिमला रैली में शामिल होकर आवाज बुलंद करेंगे।
महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर को हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय, हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप 10 के स्थान पर 12 माह का वेतन, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में शामिल करना है। इसके अलावा नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त समाप्त करना, केंद्रीय किचन क्लस्टर योजना, ठेकेदारी व्यवस्था और एनजीओ को काम सौंपने के फैसले को वापस लेना भी शामिल है। इस दौरान यूनियन के प्रधान श्याम शर्मा, खंड प्रधान प्रेम सिंह, सचिव रेखा, सुरेश, मीरा, प्रेमलता आदि मौजूद रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सीटू के महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर्स के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। शनिवार को मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की बैठक सीटू कार्यालय कुल्लू में हुई। इसमें सीटू के महासचिव प्रेम गौतम विशेष तौर पर उपस्थित रहे। निर्णय लिया कि 22 जून को मिड-डे मील वर्कर्स विद्यालयों में भोजन नहीं बनाएंगे और शिमला रैली में शामिल होकर आवाज बुलंद करेंगे।
महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर को हरियाणा सरकार की तर्ज पर 7,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय, हाईकोर्ट के फैसले के अनुरूप 10 के स्थान पर 12 माह का वेतन, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई के दायरे में शामिल करना है। इसके अलावा नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की शर्त समाप्त करना, केंद्रीय किचन क्लस्टर योजना, ठेकेदारी व्यवस्था और एनजीओ को काम सौंपने के फैसले को वापस लेना भी शामिल है। इस दौरान यूनियन के प्रधान श्याम शर्मा, खंड प्रधान प्रेम सिंह, सचिव रेखा, सुरेश, मीरा, प्रेमलता आदि मौजूद रहे। संवाद
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