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कुल्लू दशहरा को आज कूच करेंगे बाह्य सराज के देवी-देवता
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कुल्लू में दशहरा उत्सव के लिए रवाना हुए देवता श्रृंगा ऋषि को पीठ पर उठाकर ले जाते देवलू।-संवाद
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। पांच से 11 अक्तूबर तक चलने वाले देवी-देवताओं का महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के लिए जिले के सैकड़ों देवी-देवताओं के रथ सजकर तैयार हो गए हैं।
दो अक्तूबर से बाह्य सराज के देवी-देवता कुल्लू दशहरा रवाना होंगे। देवताओं के वाद्ययंत्रों ढोल-नगाड़े, नरसिंघे, करनाला और शहनाई को भी विशेष रूप से उत्सव के लिए सजाया गया है। दो सप्ताह तक देवी-देवतओं की चाकरी के लिए कारकून, हरियान तथा देवलुओं ने पूरी तैयारी कर ली है। दशहरा उत्सव के लिए मात्र तीन दिन का समय शेष है।
ऐसे में जिला प्रशासन और देवी समाज में हलचल तेज कर दी है। दशहरा में भाग लेने के लिए बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवरथ दो अक्तूबर से कुल्लू को रवाना हो जाएंगे। जिला कुल्लू के अधिष्ठाता देव खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट भझारी, टकरासी नाग, देवता चंभू, सप्त ऋषि तथा चोतरू नाग समेत बाह्य सराज के करीब 12 दर्जन देवीदेवता 150 से 200 किलोमीटर पैदल सफर कर कुल्लू दशहरा में शरीक होंगे। बंजार और सैंज घाटी के दुर्गम इलाकों के देवी-देवता भी अपने देवालय से बाहर निकल कर रवाना हो गए हैं।
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देवीदेवता कारदार संघ के जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, कारदार भागे राम राणा ने कहा कि देवी-देवता दशहरा के लिए रवाना होने शुरू हो गए हैं। दूरदराज के देवरथ दशहरा से तीन से चार दिन पहले ही रवाना हो जाते हैं। उसमें आनी और निरमंड के देवी देवता मीलों का सफर कर कुल्लू पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा को लेकर देव समाज को बेसब्री से इंतजार है।
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दो अक्तूबर से बाह्य सराज के देवी-देवता कुल्लू दशहरा रवाना होंगे। देवताओं के वाद्ययंत्रों ढोल-नगाड़े, नरसिंघे, करनाला और शहनाई को भी विशेष रूप से उत्सव के लिए सजाया गया है। दो सप्ताह तक देवी-देवतओं की चाकरी के लिए कारकून, हरियान तथा देवलुओं ने पूरी तैयारी कर ली है। दशहरा उत्सव के लिए मात्र तीन दिन का समय शेष है।
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ऐसे में जिला प्रशासन और देवी समाज में हलचल तेज कर दी है। दशहरा में भाग लेने के लिए बाह्य सराज आनी-निरमंड के देवरथ दो अक्तूबर से कुल्लू को रवाना हो जाएंगे। जिला कुल्लू के अधिष्ठाता देव खुडीजल, ब्यास ऋषि, कोट भझारी, टकरासी नाग, देवता चंभू, सप्त ऋषि तथा चोतरू नाग समेत बाह्य सराज के करीब 12 दर्जन देवीदेवता 150 से 200 किलोमीटर पैदल सफर कर कुल्लू दशहरा में शरीक होंगे। बंजार और सैंज घाटी के दुर्गम इलाकों के देवी-देवता भी अपने देवालय से बाहर निकल कर रवाना हो गए हैं।
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देवीदेवता कारदार संघ के जिला अध्यक्ष दोत राम ठाकुर, कारदार भागे राम राणा ने कहा कि देवी-देवता दशहरा के लिए रवाना होने शुरू हो गए हैं। दूरदराज के देवरथ दशहरा से तीन से चार दिन पहले ही रवाना हो जाते हैं। उसमें आनी और निरमंड के देवी देवता मीलों का सफर कर कुल्लू पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा को लेकर देव समाज को बेसब्री से इंतजार है।