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ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से गूंजी घाटी
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू, खराहल
Updated Mon, 22 Feb 2016 09:48 PM IST
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एक साल के बाद माहुटी नाग के सम्मान में मनाया जाने वाले फागली उत्सव में सोमवार को मंदिर कोट में आस्था का सैलाब उमड़ा। रविवार की शाम से ही श्रद्धालुओं की टोलियां मंदिर में पहुंचना शुरू हो गई थी। खराहल घाटी के अलावा कुल्लू के दूरदराज के गांवों के लोग मन्नते मांगने आराध्य देवता माहुटी के मंदिर पहुंचे। मंदिर में देवता के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं और भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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खराहल के लंबरदार अशोक ठाकुर ने कहा कि मंदिर में करीब नौ हजार लोगों ने मथा टेका। सुबह पूजा-अर्चना के बाद देवता के रथ को ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की मंगलमय ध्वनियों के साथ मंदिर परिसर तक लाया गया। वहा देव विधि के साथ देव कार्रवाई शुरू हुई। देवता के गूर के द्वारा बर्फ के गोलों के साथ देव नृत्य किया और फिर बर्फ तमाम दिशाओं में फेंकी गई। इस साल अधिक बर्फ पूर्व दिशा की ओर पड़ी। ऐसे में अधिक ओलावृष्टि पूर्व दिशा में होने की भविष्यवाणी की है। अन्य जगह पर मौसम औसतन ठीक रहेगा।
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उधर, पहले तीर को पकड़ने में युवा सोनू ठेगेरीलारी, दूसरा अजय ठाकुर ठेगारा और तीसरा तीर नीरत राम अरछड़ी ने पकड़ा। देवता के कारदार लाल चंद ने बताया कि इस साल देवता का नया मंदिर देखने के लिए भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा। इस साल गत साल की तुलना में चार गुणा लोगों ने देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और खुशाहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस परंपरा का सदियों से देवलु बड़े उत्साह से निर्वहन कर रहे हैं।
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