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Kullu News: विंटर कार्निवल की तिथि पर देव समाज ने जताया एतराज
Wed, 24 Dec 2025 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 24 Dec 2025 10:43 PM IST
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कार्तिक स्वामी के कारदार ने की तिथि में बदलाव की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल की आयोजन तिथि पर देव समाज ने एतराज जताया है। माघ महीने में देवी-देवताओं के कपाट बंद होने और शोर शराबे पर देव प्रतिबंध होने के कारण इस तिथि में बदलाव की मांग की गई है।
देव सेनापति कार्तिक स्वामी सिमसा के कारदार युवराज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार और प्रशासन को 20 जनवरी की तिथि में बदलाव करना चाहिए।
गौरतलब है कि 20 से 24 जनवरी तक राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है। देव समाज का कहना है कि माघ संक्रांति को कई देवी-देवताओ के कपाट बंद हो जाते हैं। देवता कार्तिक स्वामी और गौशाल में कंचन नाग के मंदिर के कपाट इस दिन बंद होंगे। इसके बाद लगभग एक महीने तक मंदिर के आसपास के गांवों में मिट्टी कि खोदाई, गोशाला से गोबर निकालना आदि बंद होगा। लोग शोर भी नहीं कर पाएंगे। टीवी, रेडियो तक नहीं चलेंगे। कारदार युवराज ने कहा कि ऐसे में इस अवधि के दौरान विंटर कार्निवल का आयोजन उचित नहीं है। देव मर्यादा और परंपरा को देखते हुए शोर और ऊंची आवाज में लाउड स्पीकर लगाने वाले इस उत्सव की तिथि में बदलाव किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्निवल 15 जनवरी से पहले या फिर देव प्रतिबंध हटने के बाद फरवरी में भी मनाया जा सकता है। उनकी सरकार और प्रशासन से मांग है कि इस तिथि में बदलाव किया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल की आयोजन तिथि पर देव समाज ने एतराज जताया है। माघ महीने में देवी-देवताओं के कपाट बंद होने और शोर शराबे पर देव प्रतिबंध होने के कारण इस तिथि में बदलाव की मांग की गई है।
देव सेनापति कार्तिक स्वामी सिमसा के कारदार युवराज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार और प्रशासन को 20 जनवरी की तिथि में बदलाव करना चाहिए।
गौरतलब है कि 20 से 24 जनवरी तक राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल का आयोजन किया जा रहा है। देव समाज का कहना है कि माघ संक्रांति को कई देवी-देवताओ के कपाट बंद हो जाते हैं। देवता कार्तिक स्वामी और गौशाल में कंचन नाग के मंदिर के कपाट इस दिन बंद होंगे। इसके बाद लगभग एक महीने तक मंदिर के आसपास के गांवों में मिट्टी कि खोदाई, गोशाला से गोबर निकालना आदि बंद होगा। लोग शोर भी नहीं कर पाएंगे। टीवी, रेडियो तक नहीं चलेंगे। कारदार युवराज ने कहा कि ऐसे में इस अवधि के दौरान विंटर कार्निवल का आयोजन उचित नहीं है। देव मर्यादा और परंपरा को देखते हुए शोर और ऊंची आवाज में लाउड स्पीकर लगाने वाले इस उत्सव की तिथि में बदलाव किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्निवल 15 जनवरी से पहले या फिर देव प्रतिबंध हटने के बाद फरवरी में भी मनाया जा सकता है। उनकी सरकार और प्रशासन से मांग है कि इस तिथि में बदलाव किया जाए।
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