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Kullu News: एक दशक बाद मूल स्थान टील पहुंचे देवता शांगड़ी
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बंजार के टील में शांघड़ी और शंचूल महादेव का हुआ देव मिलन।-संवाद
बंजार (कुल्लू)। रघुपुर क्षेत्र के आराध्य देवता शांगड़ी करीब एक दशक बाद वीरवार को अपने मूल स्थान टील पहुंचे। इस अवसर पर देवता शांगड़ी और शंचूल महादेव का भव्य मिलन हुआ, जिसे देखने के लिए सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
देवता शांगड़ी के कारदार तेज राम ने बताया कि हाल ही में देवता का नया रथ तैयार किया गया है। नए रथ को संपूर्ण देव कला प्रदान करने के लिए देवता अपने सैकड़ों हारियानों के साथ पहले दिन बछूट में शंचूल महादेव के दरबार पहुंचे हैं। बुधवार को टील मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान का निर्वहन किया गया।
इसके बाद वीरवार को देवता अपने मूल स्थान टील पहुंचे और संपूर्ण कला प्राप्त की। कारदार ने बताया कि शुक्रवार को देवता शांघड़ी, शंचूल महादेव के साथ पूरी हार की परिक्रमा करेंगे। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों में दोनों देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। शाम तक लगभग एक दर्जन गांवों की परिक्रमा करने के बाद देवता शांगड़ी बछूट में शंचूल महादेव के पास विराजमान होंगे। उन्होंने बताया कि देवता शांगड़ी की इच्छा होने तक वे शंचूल महादेव के साथ ही रहेंगे। संवाद
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देवता शांगड़ी के कारदार तेज राम ने बताया कि हाल ही में देवता का नया रथ तैयार किया गया है। नए रथ को संपूर्ण देव कला प्रदान करने के लिए देवता अपने सैकड़ों हारियानों के साथ पहले दिन बछूट में शंचूल महादेव के दरबार पहुंचे हैं। बुधवार को टील मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान का निर्वहन किया गया।
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इसके बाद वीरवार को देवता अपने मूल स्थान टील पहुंचे और संपूर्ण कला प्राप्त की। कारदार ने बताया कि शुक्रवार को देवता शांघड़ी, शंचूल महादेव के साथ पूरी हार की परिक्रमा करेंगे। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों में दोनों देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। शाम तक लगभग एक दर्जन गांवों की परिक्रमा करने के बाद देवता शांगड़ी बछूट में शंचूल महादेव के पास विराजमान होंगे। उन्होंने बताया कि देवता शांगड़ी की इच्छा होने तक वे शंचूल महादेव के साथ ही रहेंगे। संवाद
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