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सैंज में बनी झील से खतरा बढ़ा, रास्ते बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
Updated Sun, 09 Aug 2015 10:31 PM IST
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पिन पार्वती नदी पर लापाह नाले के पास बनी प्राकृतिक झील से सैंज घाटी के लिए उत्पन्न हुआ खतरा अभी टला नहीं है। हालांकि, झील की स्थिति यथावत बनी हुई है लेकिन दो दिन से लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के लोगों में खौफ है। सुदूर गाड़ापारली पंचायत में चट्टानें खिसकने से नदी का बहाव रुका हुआ है।
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शनिवार को राजस्व विभाग के पटवारी और कानूनगो ने मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति का निरीक्षण किया। करीब बीस फीट गहरी और दो किमी लंबी झील का आकार फिलहाल स्थिर बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण लगन चंद, फूला देवी, हीरादासी, तेज राम, भाग चंद, गोविंद, राम चंद, जीत राम, दुर्गी देवी और शुकरी देवी ने बताया कि झील बनने से तीन गांवों के रास्ते बाधित हो गए है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने की गुहार लगाई है। पंचायत प्रधान बुध राम ने कहा कि शाक्टी, मरौड़ और शुगाड़ गांव के लिए चार सौ मीटर रास्ता बनाने का प्राक्कलन तैयार कर डीसी कुल्लू को मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।
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इस रास्ते के बनने से ग्रामीणों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सकेगी। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि अगर झील का जल स्तर बढ़ा तो सैंज घाटी में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को आफत खड़ी हो सकती है। इधर, दो दिन से हो रही बारिश से नियुली, रोपा करटाह, सांभा और सियुंड गांव के लोग खौफ के साये में जी रहे हैं। नेशनल पार्क के डीएफओ कृपा शंकर ने बताया कि झील की स्थिति पर नजर रखने के लिए कर्मचारी तैनात किए हुए हैं। कर्मचारी झील की हर गतिविधि की रिपोर्ट दर्ज कर रहे हैं। उधर, नायब तहसीलदार सैंज कांशी राम ने बताया कि पटवारी और कानूनगो मौके पर निरीक्षण कर लौटे हैं। जल्द रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी।
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