{"_id":"620e5c5f350559597a2638d4","slug":"crowd-of-patients-gathered-outside-opd-kullu-news-sml399848430","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओपीडी के बाहर उमड़ी मरीजों की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओपीडी के बाहर उमड़ी मरीजों की भीड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। समय सुबह 9 बजकर 30 मिनट, दिन वीरवार, स्थान क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू। शहर समेत दूरदराज क्षेत्रों के मरीज उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। वे पर्ची काउंटर खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ मरीजों ने ऑनलाइन पर्ची बनाई है। 10 बजे पर्ची काउंटर के बाहर भीड़ लग गई। अस्पताल में एक दिन की छुट्टी के बाद पर्ची काउंटर पर अधिक संख्या में लोग पहुंचे।
मरीज अपनी-अपनी पर्चियां बनाने के लिए कतारों में खड़े रहे। पर्ची बनाने के बाद मरीज संबंधित चिकित्सक से उपचार करवाने के लिए ओपीडी के पास गए। 10 बजकर 10 मिनट पर नेत्र चिकित्सक ओपीडी बंद रही। चिकित्सक आठ दिन से दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर हैं। मरीज दो घंटे तक चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान कोरोना से बचाव को लेकर बनाए गए नियमों को भी दरकिनार किया गया। 10 बजकर 20 मिनट, हड्डी रोग ओपीडी। ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ जुट गई। लोग ओपीडी के बाहर ही दो घंटे तक डटे रहे। इस दौरान लोग काफी परेशान हुए। 10 बजकर 30 मिनट, महिला एवं पुरुष बाह्य रोग ओपीडी के बाहर मरीज चिकित्सक का इंतजार करते रहे। ओपीडी के बाहर तिल धरने के लिए जगह तक नहीं थी। कुछ मरीज बाहर बैठकर कर चिकित्सकों के हड़ताल से वापस आने का इंतजार करते रहे। 10 बजकर 40 मिनट, सर्जरी ओपीडी। इस ओपीडी को बंद देखकर मरीज कुछ समय तक परेशान हुए। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के एमएस डॉ. नरेश चंद ने बताया कि पंजाब की तर्ज पर पे-कमीशन को लेकर डॉक्टर आठ दिन से दो घंटे की हड़ताल पर हैं। इस दौरान आपातालीन सेवाओं को डॉक्टरों ने जारी रखा। हड़ताल के तुरंत बाद डॉक्टर ओपीडी गए हैं।
डॉक्टरों की हड़ताल का अस्पताल आकर लगा पता
ग्रामीण क्षेत्र के मरीज तेजा सिंह, सेस राम, मनोरमा देवी, सुनीता व हेमा देवी ने बताया कि चिकित्सकों की दो घंटे हड़ताल का अस्पताल आकर पता चला है। अब ऐसे में निजी अस्पताल में जाकर अपना उपचार करवाया है, जहां अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने पड़े हैं। उन्होंने बताया वे सभी उपचार करवाने के लिए सुबह ही क्षेत्रीय अस्पताल पहुंच हैं, लेकिन चिकित्सक की ओपीडी बंद रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुल्लू। समय सुबह 9 बजकर 30 मिनट, दिन वीरवार, स्थान क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू। शहर समेत दूरदराज क्षेत्रों के मरीज उपचार करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे। वे पर्ची काउंटर खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ मरीजों ने ऑनलाइन पर्ची बनाई है। 10 बजे पर्ची काउंटर के बाहर भीड़ लग गई। अस्पताल में एक दिन की छुट्टी के बाद पर्ची काउंटर पर अधिक संख्या में लोग पहुंचे।
मरीज अपनी-अपनी पर्चियां बनाने के लिए कतारों में खड़े रहे। पर्ची बनाने के बाद मरीज संबंधित चिकित्सक से उपचार करवाने के लिए ओपीडी के पास गए। 10 बजकर 10 मिनट पर नेत्र चिकित्सक ओपीडी बंद रही। चिकित्सक आठ दिन से दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर हैं। मरीज दो घंटे तक चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। इस दौरान कोरोना से बचाव को लेकर बनाए गए नियमों को भी दरकिनार किया गया। 10 बजकर 20 मिनट, हड्डी रोग ओपीडी। ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ जुट गई। लोग ओपीडी के बाहर ही दो घंटे तक डटे रहे। इस दौरान लोग काफी परेशान हुए। 10 बजकर 30 मिनट, महिला एवं पुरुष बाह्य रोग ओपीडी के बाहर मरीज चिकित्सक का इंतजार करते रहे। ओपीडी के बाहर तिल धरने के लिए जगह तक नहीं थी। कुछ मरीज बाहर बैठकर कर चिकित्सकों के हड़ताल से वापस आने का इंतजार करते रहे। 10 बजकर 40 मिनट, सर्जरी ओपीडी। इस ओपीडी को बंद देखकर मरीज कुछ समय तक परेशान हुए। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के एमएस डॉ. नरेश चंद ने बताया कि पंजाब की तर्ज पर पे-कमीशन को लेकर डॉक्टर आठ दिन से दो घंटे की हड़ताल पर हैं। इस दौरान आपातालीन सेवाओं को डॉक्टरों ने जारी रखा। हड़ताल के तुरंत बाद डॉक्टर ओपीडी गए हैं।
विज्ञापन
डॉक्टरों की हड़ताल का अस्पताल आकर लगा पता
ग्रामीण क्षेत्र के मरीज तेजा सिंह, सेस राम, मनोरमा देवी, सुनीता व हेमा देवी ने बताया कि चिकित्सकों की दो घंटे हड़ताल का अस्पताल आकर पता चला है। अब ऐसे में निजी अस्पताल में जाकर अपना उपचार करवाया है, जहां अतिरिक्त पैसे भी खर्च करने पड़े हैं। उन्होंने बताया वे सभी उपचार करवाने के लिए सुबह ही क्षेत्रीय अस्पताल पहुंच हैं, लेकिन चिकित्सक की ओपीडी बंद रही है।
विज्ञापन