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Kullu News: सर्दी, टूटी सड़कें और मलबा बढ़ा रहे तीर्थन घाटी का दर्द
Sat, 29 Nov 2025 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 29 Nov 2025 10:03 PM IST
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आपदा के तीन महीने बाद भी पीडब्ल्यूडी ने नहीं हटाया भूस्खलन का मलबा, डंगे भी नहीं लगे
अभी भी छोटे वाहनों तक सीमित हैं नगलाड़ी-शरची, पेखड़ी और बरनागी-मशियार जैसी सड़कें
ग्रामीण बोले- सड़कें खराब होने से सर्दियों का राशन और जरूरी सामान ले जाना हुआ मुश्किल
प्रीतम शर्मा
गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी के ग्रामीण आपदा के तीन महीने बाद भी ठीक से सड़क पर नहीं चल पा रहे हैं। नगलाड़ी-शरची, पेखड़ी और बरनागी-मशियार जैसी सड़कें अभी भी छोटे वाहनों तक सीमित हैं।
भूस्खलन का मलबा हटाया नहीं गया है। डंगे नहीं लगाए हैं। सर्दियों की बर्फबारी और जरूरी राशन पहुंचाने में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। स्थानीय लोग प्रशासन की सुस्ती से नाराज हैं जबकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि दो सप्ताह में सड़क बहाल कर दी जाएगी।
दिसंबर और जनवरी में ग्रामीण इलाकों में बर्फबारी होती है। इस सूरत में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सर्दियों के लिए राशन का कोटा और जरूरी सामान ले जाना मुश्किल होगा। गौर रहे कि उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी नगलाड़ी-शरची सड़क को लोक निर्माण विभाग बहाल नहीं कर पाया है। इस सड़क में गुशैणी से लेकर बंदल तक छोटे वाहन चल रहे हैं। बंदल में भूस्खलन हुआ है। इसका मलबा नहीं हटाया है। बंदल से छह गांवों के लोग दो किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। इसके बाद मठियाणा से फिर लोग छोटे वाहन में शरची पहुंच रहे हैं। पेखड़ी सड़क भी बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं हुई है। गुशैणी-तिंदर में छोटे वाहन ही चल रहे हैं। बरनागी-मशियार, तुंग-शिल्ही सड़क में भी आपदा के तीन माह बाद छोटे वाहन ही दौड़ रहे हैं।
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लोक निर्माण विभाग तीर्थन घाटी की खराब सड़कों की सुध ले। सड़कों की हालत आपदा के बाद बेहद खस्ता हो चुकी है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई बार अपनी बात विभाग के समक्ष भी रख चुके हैं। - सुंदर सिंह, निवासी बंजार
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आपदा के बाद कुल्लू उपमंडल सहित कई जगह हालात सामान्य हो गए हैं। तीर्थन घाटी की सड़कों की दशा देखकर ऐसा नहीं लगता है। सड़क को जल्द बहाल किया जाए। सड़क में जहां डंगे की जरूरत है, वहां जल्द डंगा लगाया जाए। - प्रीतम सिंह, शरची, बंजार
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नगलाड़ी-शरची सड़क को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। दो सप्ताह के भीतर सड़क को ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। -चमन ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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अभी भी छोटे वाहनों तक सीमित हैं नगलाड़ी-शरची, पेखड़ी और बरनागी-मशियार जैसी सड़कें
ग्रामीण बोले- सड़कें खराब होने से सर्दियों का राशन और जरूरी सामान ले जाना हुआ मुश्किल
प्रीतम शर्मा
गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी के ग्रामीण आपदा के तीन महीने बाद भी ठीक से सड़क पर नहीं चल पा रहे हैं। नगलाड़ी-शरची, पेखड़ी और बरनागी-मशियार जैसी सड़कें अभी भी छोटे वाहनों तक सीमित हैं।
भूस्खलन का मलबा हटाया नहीं गया है। डंगे नहीं लगाए हैं। सर्दियों की बर्फबारी और जरूरी राशन पहुंचाने में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। स्थानीय लोग प्रशासन की सुस्ती से नाराज हैं जबकि लोक निर्माण विभाग का कहना है कि दो सप्ताह में सड़क बहाल कर दी जाएगी।
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दिसंबर और जनवरी में ग्रामीण इलाकों में बर्फबारी होती है। इस सूरत में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सर्दियों के लिए राशन का कोटा और जरूरी सामान ले जाना मुश्किल होगा। गौर रहे कि उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी नगलाड़ी-शरची सड़क को लोक निर्माण विभाग बहाल नहीं कर पाया है। इस सड़क में गुशैणी से लेकर बंदल तक छोटे वाहन चल रहे हैं। बंदल में भूस्खलन हुआ है। इसका मलबा नहीं हटाया है। बंदल से छह गांवों के लोग दो किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। इसके बाद मठियाणा से फिर लोग छोटे वाहन में शरची पहुंच रहे हैं। पेखड़ी सड़क भी बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं हुई है। गुशैणी-तिंदर में छोटे वाहन ही चल रहे हैं। बरनागी-मशियार, तुंग-शिल्ही सड़क में भी आपदा के तीन माह बाद छोटे वाहन ही दौड़ रहे हैं।
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लोक निर्माण विभाग तीर्थन घाटी की खराब सड़कों की सुध ले। सड़कों की हालत आपदा के बाद बेहद खस्ता हो चुकी है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण कई बार अपनी बात विभाग के समक्ष भी रख चुके हैं। - सुंदर सिंह, निवासी बंजार
आपदा के बाद कुल्लू उपमंडल सहित कई जगह हालात सामान्य हो गए हैं। तीर्थन घाटी की सड़कों की दशा देखकर ऐसा नहीं लगता है। सड़क को जल्द बहाल किया जाए। सड़क में जहां डंगे की जरूरत है, वहां जल्द डंगा लगाया जाए। - प्रीतम सिंह, शरची, बंजार
नगलाड़ी-शरची सड़क को दुरुस्त करने का कार्य जारी है। दो सप्ताह के भीतर सड़क को ठीक कर दिया जाएगा। इसके बाद लोगों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। -चमन ठाकुर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग