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कुल्लू में सेब कार्टन के वसूल रहे मनमाने दाम
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कुल्लू में सेब का सीजन भी शुरू हो गया है। भुंतर में सेब को पलटता बागबान।
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिला कुल्लू में सेब सीजन शुरू होते ही बागवानों पर कमाई करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं। बागवानों से सेब कार्टन के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। 45 रुपये के कार्टन के बागवानों से 60 से 65 रुपये लिए जा रहे हैं। वैसे बाजार में इस कार्टन की कीमत 45 रुपये होती है। बागवानों से सरेआम अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन और एचपीएमसी कुल्लू व लाहौल-स्पीति के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। सभी उन पर मेहरबान हो रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी से घाटी के हजारों बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में काफी अधिक मात्रा में बागवान सेब व अन्य उत्पादों को स्थानीय मंडियों में कार्टन से भेजते हैं। लेकिन 20 किलो के खाली कार्टन के ही 65 रुपये तक दाम चुकाने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बागवान परेशान हैं। घाटी के बागवान सुरजीत, किशन, डोले राम, अमित ने कहा कि सेब का कार्टन उन्हें 65 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। कार्टन विक्रेता मनमर्जी के रेट लगाकर बागवानों को कार्टन बेच रहे हैं। इसका एक दाम तय किया जाए, जिससे बागवानों को नुकसान न उठाना पड़े। कुल्लू और स्नोअर वैली आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से बागवान और व्यापारी सरकार से कार्टन के दाम निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं। यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। बाजार में भी बागवानों को कार्टन मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है। कहा कि पिछले वर्ष भी इस बारे में आबकारी एवं कराधान विभाग को शिकायत की गई थी। लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उधर, एचपीएमसी सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि सरकार को कार्टन के दाम निर्धारित करने से ही बागवानों को राहत मिलेगी।
बागवानी मंत्री के आश्वासन के बाद भी बढ़े दाम
फलोत्पादक मंडी कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सीजन शुरू होने से पहले साफ कहा था कि इस बार कार्टन के दाम नहीं बढ़ेंगे। इसके बाद भी दामों को बढ़ाया गया है।
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प्रशासन की चुप्पी से घाटी के हजारों बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में काफी अधिक मात्रा में बागवान सेब व अन्य उत्पादों को स्थानीय मंडियों में कार्टन से भेजते हैं। लेकिन 20 किलो के खाली कार्टन के ही 65 रुपये तक दाम चुकाने से उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। ऐसे में बागवान परेशान हैं। घाटी के बागवान सुरजीत, किशन, डोले राम, अमित ने कहा कि सेब का कार्टन उन्हें 65 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। कार्टन विक्रेता मनमर्जी के रेट लगाकर बागवानों को कार्टन बेच रहे हैं। इसका एक दाम तय किया जाए, जिससे बागवानों को नुकसान न उठाना पड़े। कुल्लू और स्नोअर वैली आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष खुशहाल ठाकुर ने कहा कि पिछले कई वर्षों से बागवान और व्यापारी सरकार से कार्टन के दाम निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं। यह मांग अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। बाजार में भी बागवानों को कार्टन मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है। कहा कि पिछले वर्ष भी इस बारे में आबकारी एवं कराधान विभाग को शिकायत की गई थी। लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उधर, एचपीएमसी सचिव सुशील गुलेरिया ने कहा कि सरकार को कार्टन के दाम निर्धारित करने से ही बागवानों को राहत मिलेगी।
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बागवानी मंत्री के आश्वासन के बाद भी बढ़े दाम
फलोत्पादक मंडी कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने सीजन शुरू होने से पहले साफ कहा था कि इस बार कार्टन के दाम नहीं बढ़ेंगे। इसके बाद भी दामों को बढ़ाया गया है।
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