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Kullu News: 10 से 30 रुपये में मिल रही सेब की कलम
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कुल्लू। प्रूनिंग के बीच जिले में सेब, जापानी फल और नाशपाती की कलमें काटने का क्रम शुरू हो गया है। जापानी फल की एक कलम (स्टिक) 10 रुपये मिल रही है। सेब की कलम भी 10 से 30 रुपये के बीच मिल रही है। हालांकि दामों में पिछले साल की तुलना में अंतर नहीं है।
पिछले कुछ सालों में पुराने पेड़ों पर नई किस्मों की कलमें लगाने का प्रचलन बढ़ा है। बागवान इसमें अधिक रुचि दिखा रहे हैं। कलमें लगाकर भी बगीचों में बागवान पौधे तैयार कर रहे हैं। बगीचों में जापानी फल, सेब आदि की पौधे लगाने के लिए सबसे पहले गड्ढा बनाना होता है। इसके बाद पौधा रोपा जाता है। पौधे में सैंपल आने तक काफी मेहनत करनी होती है। सेब के पुराने पेड़ों पर अब बागवान सेब की रूट स्टॉक की आधुनिक किस्मों की कलमों को तैयार कर रहे हैं। कलमें कामयाब होने पर बागवान नए पेड़ के मुकाबले दोगुना फसल ले सकता है। हालांकि सेब की नर्सरियों में सूखे जैसे हालात के चलते नए पौधे कम बिक रहे हैं लेकिन सेब, नाशपाती आदि के कलमों की बिक्री में कोई फर्क नहीं आया है। कलम को सेब, नाशपाती सहित अन्य पौधे में चाकू से काटने के बाद लगाकर ऊपर से पॉलिथीन की सहायता से बांधा जाता है। पौधे में रस चढ़ने के बाद कलम में भी पत्ते आ जाते हैं।
नर्सरी संचालक जोगी ठाकुर ने कहा कि नर्सरी में फलदार पौधों की डिमांड के साथ कलमें भी बागवान लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापानी फल की एक कलम 10 रुपये तक मिल रही है। जबकि सेब की वैरायटी के आधार पर कलम के दाम 10 से लेकर 30 रुपये तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद पौधों की ब्रिकी में भी तेजी आएगी।
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पिछले कुछ सालों में पुराने पेड़ों पर नई किस्मों की कलमें लगाने का प्रचलन बढ़ा है। बागवान इसमें अधिक रुचि दिखा रहे हैं। कलमें लगाकर भी बगीचों में बागवान पौधे तैयार कर रहे हैं। बगीचों में जापानी फल, सेब आदि की पौधे लगाने के लिए सबसे पहले गड्ढा बनाना होता है। इसके बाद पौधा रोपा जाता है। पौधे में सैंपल आने तक काफी मेहनत करनी होती है। सेब के पुराने पेड़ों पर अब बागवान सेब की रूट स्टॉक की आधुनिक किस्मों की कलमों को तैयार कर रहे हैं। कलमें कामयाब होने पर बागवान नए पेड़ के मुकाबले दोगुना फसल ले सकता है। हालांकि सेब की नर्सरियों में सूखे जैसे हालात के चलते नए पौधे कम बिक रहे हैं लेकिन सेब, नाशपाती आदि के कलमों की बिक्री में कोई फर्क नहीं आया है। कलम को सेब, नाशपाती सहित अन्य पौधे में चाकू से काटने के बाद लगाकर ऊपर से पॉलिथीन की सहायता से बांधा जाता है। पौधे में रस चढ़ने के बाद कलम में भी पत्ते आ जाते हैं।
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नर्सरी संचालक जोगी ठाकुर ने कहा कि नर्सरी में फलदार पौधों की डिमांड के साथ कलमें भी बागवान लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जापानी फल की एक कलम 10 रुपये तक मिल रही है। जबकि सेब की वैरायटी के आधार पर कलम के दाम 10 से लेकर 30 रुपये तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद पौधों की ब्रिकी में भी तेजी आएगी।
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