बंजार (कुल्लू)। प्री प्राइमरी स्कूलों में आंगनबाड़ी वर्करों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्कर छह साल तक के बच्चों के पालन-पोषण के साथ उनकी शिक्षा का जिम्मा उठाती हैं। जिसके चलते उन्हें बच्चों की देखरेख और शिक्षित करने का अनुभव अधिक है। यह बात आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन बंजार की अध्यक्ष शशि किरण ने कही। शुक्रवार को बंजार में एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। जिसमें प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में आंगनबाड़ी वर्करों की सौ फीसदी नियुक्ति की मांग की गई है। अध्यक्ष शशि किरण ने कहा कि आईसीडीएस के निजीकरण और पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन के विरोध में बंजार में प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों को प्री प्राइमरी स्कूलों में सौ प्रतिशत नियुक्ति दी जानी चाहिए। नियुक्ति में 45 वर्ष की आयु सीमा की शर्त को समाप्त किया जाए। पर्यवेक्षक की नियुक्ति के लिए देश के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री मान्य होनी चाहिए। वरिष्ठता के आधार पर माध्यमिक और स्नातक पास को पर्यवेक्षक पद पर भर्ती किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर पिछले लंबे समय से छोटे बच्चों की देखभाल कर रही हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में खोली गई नर्सरी और केजी की कक्षाओं में उन्हें ही बतौर शिक्षक तैनाती मिलनी चाहिए। इस दौरान सीटू के जिला महासचिव राजेश ठाकुर, प्रेम गौतम, निर्मला, प्रेमला, मीरा, डूरामणि, मथुरा आदि उपस्थित रहे।