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Kullu News: मलाणा नाले पर मेहनत के तप से बांधा उम्मीदों का पुल
Fri, 08 Aug 2025 11:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:00 PM IST
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मणिकर्ण घाटी के चौहकी पौहल गांव के लिए पैदल पुलिया बनाने में जुटे ग्रामीण।-ग्रामीण
चौहकी में ग्रामीणों ने एकजुटता से खुद तैयार किया लकड़ी का अस्थायी पुल
सप्ताह में बना दूसरा पुल बनाकर पेश की मिसाल, मलाणा में भी पुल बना चुके हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के ग्रामीणों ने मलाणा नाला पर खुद अस्थायी पुल तैयार कर मिसाल पेश की है। पुल बाढ़ में बह गया था। क्षेत्र के लोगों ने मेहनत और एकजुटता से न केवल अपनी समस्या का समाधान किया, बल्कि आसपास के गांवों की आवाजाही को भी सुगम बना दिया।
यह पुल चौहकी, पौहल और बलाधी के लोगों के लिए राहत लेकर आया है। मलाणा नाला में सात दिन पहले बाढ़ से दो जगह अस्थायी पुल बह गए थे। लोगों के पास मलाणा नाला के आर-पार जाने का दूसरा कोई साधन नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों की हिम्मत नहीं टूृटी। पहले मलाणा के लोगों ने नाला पर स्वयं लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार किया। अब चौहकी गांव के एक छोर पर मलाणा नाला में ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बना दिया है। अस्थायी पुल तैयार होने से पौहल, बलाधी के लोगों की चौहकी की तरफ आवाजाही आसान हो गई है। 13 अगस्त से कुल्लू जिले में स्कूल भी खुलने वाले हैं, ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर परेशान थे। अस्थायी पुल से अब बच्चे चौहकी गांव होकर डुंखरा और जरी के लिए जा सकेंगे। अस्थायी पुल तैयार होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण शेर सिंह नेगी ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रबंधन की लापरवाही के चलते चौहकी, पौहल, बलाधी के लोग परेशान हैं। एक साल पहले डैम फटने से हुए नुकसान का मुआवजा उन्हें नहीं दिया गया है। प्रशासन प्रोजेक्ट प्रबंधन को निर्देश दें कि प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करे।
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चौहकी में मशीनें लगाकर मलाणा नाला को पहले गहरा किया गया है। अब पुल से लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी। - हेमराज शर्मा, नायब तहसीलदार, जरी
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सप्ताह में बना दूसरा पुल बनाकर पेश की मिसाल, मलाणा में भी पुल बना चुके हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के ग्रामीणों ने मलाणा नाला पर खुद अस्थायी पुल तैयार कर मिसाल पेश की है। पुल बाढ़ में बह गया था। क्षेत्र के लोगों ने मेहनत और एकजुटता से न केवल अपनी समस्या का समाधान किया, बल्कि आसपास के गांवों की आवाजाही को भी सुगम बना दिया।
यह पुल चौहकी, पौहल और बलाधी के लोगों के लिए राहत लेकर आया है। मलाणा नाला में सात दिन पहले बाढ़ से दो जगह अस्थायी पुल बह गए थे। लोगों के पास मलाणा नाला के आर-पार जाने का दूसरा कोई साधन नहीं था। ऐसे में ग्रामीणों की हिम्मत नहीं टूृटी। पहले मलाणा के लोगों ने नाला पर स्वयं लकड़ी का अस्थायी पुल तैयार किया। अब चौहकी गांव के एक छोर पर मलाणा नाला में ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बना दिया है। अस्थायी पुल तैयार होने से पौहल, बलाधी के लोगों की चौहकी की तरफ आवाजाही आसान हो गई है। 13 अगस्त से कुल्लू जिले में स्कूल भी खुलने वाले हैं, ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर परेशान थे। अस्थायी पुल से अब बच्चे चौहकी गांव होकर डुंखरा और जरी के लिए जा सकेंगे। अस्थायी पुल तैयार होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीण शेर सिंह नेगी ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रबंधन की लापरवाही के चलते चौहकी, पौहल, बलाधी के लोग परेशान हैं। एक साल पहले डैम फटने से हुए नुकसान का मुआवजा उन्हें नहीं दिया गया है। प्रशासन प्रोजेक्ट प्रबंधन को निर्देश दें कि प्रभावितों को मुआवजा प्रदान करे।
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चौहकी में मशीनें लगाकर मलाणा नाला को पहले गहरा किया गया है। अब पुल से लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी। - हेमराज शर्मा, नायब तहसीलदार, जरी