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हरियाणा के कलाकारों ने अभिनय से किया मंत्रमुग्ध
Updated Sat, 09 Jun 2018 09:55 PM IST
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हरियाणा के कलाकारों ने
अभिनय से किया मंत्रमुग्ध
समर थियेटर फेस्टिवल में हुआ नाटक वाला का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में चल रहे समर नेशनल थियेटर फेस्टिवल में कलाकारों ने ‘नाटक वाला’ का मंचन किया। संध्या में जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव विनोद मोदगिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
पांचवीं संध्या में कलाकारों ने सधे हुए अभिनय से हिसार, हरियाणा कलाकारों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। नाटक का कोई भी दृश्य ऐसा नहीं रहा जिसमें दर्शकों की तालियां नहीं गूंजी। नाट्य लेखन के लिए बिस्मिलाह खां राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त मनीष जोशी ने नाटक का आरंभ जादू से किया। नाटक में कठपुतलियों का भी भरपूर और सुंदर प्रयोग किया। नाटक रंगकर्मी के जीवन के उतार चढ़ावों को दिखाता है। नाटक के माध्यम से बताया गया कि अगर हर इंसान की सोच रंगकर्मी जैसे हो जाए। तो हमें धरती को सरहदों से बांटने की आवश्यकता नहीं रहेगी। न कोई हिंदू होगा न मुसलमान और न फिर भारत होगा न पाकिस्तान। मंच पर मनीष जोशी, कबीर दहिया, विशाल और समुंदर आदि अभिनेताओं ने अभिनय का जादू बिखेरा और मंच पर आलोक व्यवस्था राजेश और संगीत विजय कालरा ने दिया।
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अभिनय से किया मंत्रमुग्ध
समर थियेटर फेस्टिवल में हुआ नाटक वाला का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। लालचंद प्रार्थी कलाकेंद्र में चल रहे समर नेशनल थियेटर फेस्टिवल में कलाकारों ने ‘नाटक वाला’ का मंचन किया। संध्या में जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव विनोद मोदगिल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
पांचवीं संध्या में कलाकारों ने सधे हुए अभिनय से हिसार, हरियाणा कलाकारों ने दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। नाटक का कोई भी दृश्य ऐसा नहीं रहा जिसमें दर्शकों की तालियां नहीं गूंजी। नाट्य लेखन के लिए बिस्मिलाह खां राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्राप्त मनीष जोशी ने नाटक का आरंभ जादू से किया। नाटक में कठपुतलियों का भी भरपूर और सुंदर प्रयोग किया। नाटक रंगकर्मी के जीवन के उतार चढ़ावों को दिखाता है। नाटक के माध्यम से बताया गया कि अगर हर इंसान की सोच रंगकर्मी जैसे हो जाए। तो हमें धरती को सरहदों से बांटने की आवश्यकता नहीं रहेगी। न कोई हिंदू होगा न मुसलमान और न फिर भारत होगा न पाकिस्तान। मंच पर मनीष जोशी, कबीर दहिया, विशाल और समुंदर आदि अभिनेताओं ने अभिनय का जादू बिखेरा और मंच पर आलोक व्यवस्था राजेश और संगीत विजय कालरा ने दिया।
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