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करोड़ों खर्च करने के बावजूद दूरसंचार सेवाएं तोड़ रहीं दम

Fri, 15 Mar 2019 07:26 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Fri, 15 Mar 2019 07:26 PM IST
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करोड़ों खर्च करने के बावजूद दूरसंचार सेवाएं तोड़ रहीं दम
अमर उजाला ब्यूरो
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में लचर दूरसंचार सेवाओं को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। प्रदेश में सरकार आती है और जाती है। लेकिन जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की दूरसंचार सेवा समस्या को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। जिला के लिए करोड़ों की ओएफसी बिछाई गई। लेकिन सही तरीके से नहीं बिछने पर दूरसंचार सेवाएं बार-बार दम तोड़ देती हैं। जिला में दूरसंचार सेवाएं ही चलती हैं। लोकसभा चुनाव में दूरसंचार सेवाएं प्रत्याशियों पर भारी पड़ेगी। जनता दूरसंचार मुद्दे पर वोट मांगने वालों से जवाब मांगेगी।
जिला में दूरसंचार सेवाएं ठप रहने से लोगों के साथ-साथ सरकारी कामकाज भी प्रभावित होता है। ऐसे में यहां पर सरकार की कई योजनाओं को चलाना मुश्किल हो जाता है। सर्दियों में बर्फबारी के दौरान मुसीबत और भी बढ़ जाती है। सरकार की अधिकतर जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया है। जिला में साल में करीब चार से पांच महीने तक बीएसएनएल की सेवा प्रभावित रहती है। स्कूली बच्चे परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी कामकाज निपटाने के लिए कर्मचारियों को 150 किमी का सफर कर कुल्लू-मनाली जाकर ऑनलाइन कामकाज निपटाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि मनाली से केलांग के बीच करोड़ों रुपये खर्च कर भूमिगत तारों को बिछाया गया। लेकिन निर्माण के दौरान कथित अनियमितताओं के कारण ओएफसी में इतने ज्वाइंट लगे हैं कि टेलीफोन और इंटरनेट तार जुड़ने के बावजूद दुरुस्त नहीं हो पा रहे।
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11 में से 9 दूरभाष केंद्र बंद
लाहौल के 11 में से 9 दूरभाष केंद्र महीनों से बंद पड़े हैं। लोगों को बर्फ में कई किमी पैदल चल कर अपनों से बात करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी रोहित, राकेश, विक्रम, दोरजे तथा कर्म सिंह का कहना है कि दूरसंचार सेवा की यह बदतर हालत दशकों से यूं ही जारी है। जनता का कहना है कि दोनों राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर संजीदा नहीं है। महज कोरे आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। पर्यटन कारोबारी टशी, दोरजे, शरभ और नोरबू ने बताया कि फोन और इंटरनेट सेवा सुचारु नहीं होने से घाटी में पर्यटन कारोबार चौपट हो गया है। पर्यटकों को इंटरनेट सुविधा नहीं मिलने से वह घाटी में ज्यादा समय तक ठहर नहीं पाते हैं।
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निजी कंपनी लगाएगी टावर, जगह चिन्ह्ति
कृषि मंत्री व स्थानीय विधायक रामलाल मारकंडा खुद भी मानते हैं कि घाटी में बीएसएनएल की दूरसंचार सेवा दुरुस्त नहीं है। कहा कि भाजपा सरकार इस साल लाहौल-स्पीति समेत अन्य जनजातीय इलाकों में दर्जनों जिओ के टावर लगाने जा रही है। कहा कि पिछले साल सितंबर माह में ही बर्फबारी हो गई। जिओ ने लाहौल में टावर के लिए स्थान चिन्ह्ति कर लिए हैं। उम्मीद है कि इस साल केलांग और उदयपुर के अलावा कुछ अन्य जगहों पर टावर स्थापित हो जाएंगे।


स्वीकृति के बाद भी नहीं लगे टावर : रवि
पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार लोगों को महज कोरे आश्वासन ही दे रही है। कहा कि जिन जिओ टावर का भाजपा जिक्र कर रही है, वे पूर्व कांग्रेस कार्यकाल में ही स्वीकृत हो चुके थे। लेकिन भाजपा सरकार स्वीकृति के बावजूद लाहौल में एक भी जियो टावर स्थापित नहीं कर पाई। कहा कि दूरसंचार नेटवर्क सुधारने के लिए कांग्रेस लगातार सरकार के खिलाफ लामबंद हैं। इसके लिए धरने प्रदर्शन भी जारी है।
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