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अस्पताल में लगे बायोमेडिकल बेस्ट के ढेर
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। कूड़ा संयंत्र को लेकर नगर परिषद कुल्लू की नाकामी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इससे नप कुल्लू के 11 वार्ड के लोगों के अलावा अस्पताल के मरीजों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। डंपिंग साइट बंद होने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डंपिंग साइट के फेर में उलझी नगर परिषद शहर में कई दिनों से कूड़ा ही नहीं उठा रही है। ऐसे में हर जगह शहर में कूड़ा कचरा जमा हो गया है। जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
प्रदेश के तीन जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले कुल्लू अस्पताल में भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। अस्पताल का बायोमेडिकल बेस्ट डंप भर चुका है। इसके बावजूद गेट के पास ही कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। आते जाते मरीजों को यहां पर कूड़े से परेशानी हो रही है। कूड़े के ढेरों और बायोमेडिकल बेस्ट के यहीं पड़े रहने से बीमारियों के फैलने का खतरा भी सता रहा है। शहरवासी रमेश ठाकुर, रोहित कुमार, चंदन ठाकुर, केवल राम, सुदर्शन पठानिया और गणेश लाल ने कहा कि अस्पताल में बायोमेडिकल बेस्ट को लेकर कचरे के ढेर लगना मरीजों के स्वास्थ्य के हिसाब से ठीक नहीं है। गंदगी से मरीज ठीक होने की बजाय और अधिक बीमार होंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को जल्द इसका हल निकालना चाहिए। बायोमेडिकल बेस्ट के ढेरों से कई बीमारियां फैल सकती हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार देख रहे जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने कहा कि डंपिंग के लिए स्थान न मिलने से मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन के साथ मिलकर विभाग समस्या का समाधान करने में जुटा हुआ है।
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कुल्लू। कूड़ा संयंत्र को लेकर नगर परिषद कुल्लू की नाकामी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इससे नप कुल्लू के 11 वार्ड के लोगों के अलावा अस्पताल के मरीजों की परेशानी भी बढ़ने लगी है। डंपिंग साइट बंद होने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डंपिंग साइट के फेर में उलझी नगर परिषद शहर में कई दिनों से कूड़ा ही नहीं उठा रही है। ऐसे में हर जगह शहर में कूड़ा कचरा जमा हो गया है। जगह-जगह पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
प्रदेश के तीन जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने वाले कुल्लू अस्पताल में भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। अस्पताल का बायोमेडिकल बेस्ट डंप भर चुका है। इसके बावजूद गेट के पास ही कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। आते जाते मरीजों को यहां पर कूड़े से परेशानी हो रही है। कूड़े के ढेरों और बायोमेडिकल बेस्ट के यहीं पड़े रहने से बीमारियों के फैलने का खतरा भी सता रहा है। शहरवासी रमेश ठाकुर, रोहित कुमार, चंदन ठाकुर, केवल राम, सुदर्शन पठानिया और गणेश लाल ने कहा कि अस्पताल में बायोमेडिकल बेस्ट को लेकर कचरे के ढेर लगना मरीजों के स्वास्थ्य के हिसाब से ठीक नहीं है। गंदगी से मरीज ठीक होने की बजाय और अधिक बीमार होंगे। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को जल्द इसका हल निकालना चाहिए। बायोमेडिकल बेस्ट के ढेरों से कई बीमारियां फैल सकती हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यभार देख रहे जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रम कटोच ने कहा कि डंपिंग के लिए स्थान न मिलने से मुश्किलें आ रही हैं। प्रशासन के साथ मिलकर विभाग समस्या का समाधान करने में जुटा हुआ है।
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