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अवैध होटलों से टैक्स वसूलती रही सरकार

Sun, 10 Dec 2017 09:18 PM IST
Updated Sun, 10 Dec 2017 09:18 PM IST
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अवैध होटलों से टैक्स वसूलती रही सरकार
kasol - फोटो : amarujala
कुल्लू। प्रदेश सरकार कुल्लू-मनाली और कसोल के कई अवैध होटलों से भी सालों से टैक्स वसूलती रही। इन होटलों का निर्माण का टीसीपी के नक्शे के अनुरूप नहीं हुआ है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी भी नहीं मिली है। प्रदेश पर्यटन विभाग के पास भी इसका पंजीकरण नहीं हुआ है। बावजूद प्रदेश सरकार सालों से इन होटलों से साल दर साल लग्जरी टैक्स और वैट वसूल कर करोड़ों का राजस्व एकत्रित किया है, लेकिन अब हाईकोर्ट व एनजीटी मानकों पर खरें न होने वाले होटलों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पर्यटन स्थल कसोल के 42 होटलों को सील कर दिया है। इन होटलों पर पर्यटन विभाग में पंजीकरण न होने समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज न होने पर गाज गिरी है। इस कार्रवाई के बाद अब पर्यटन नगरी मनाली व कुल्लू के 1700 होटल, लॉज व होम स्टे की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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बताया जा रहा है कि यहां भी कई होटल टीसीपी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा पर्यटन विभाग के कायदे कानून को पूरा नहीं करते हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कुल्लू-मनाली के करीब 1700 होटलों की जांच के लिए पैनल गठित किया है। आदेश के मुताबिक सोमवार यह पैनल होटलों की जांच करेगा, लेकिन जिला पर्यटन विभाग कुल्लू के पास मात्र 764 होटल, लॉज व होम स्टे पंजीकृत है। मणिकर्ण वैली होटल एसोसिएशन के प्रधान किशन ठाकुर ने कहा कि सील किए गए होटलों में से कई होटलियरों ने सरकार को लग्जरी टैक्स दिया है और अब जीएसटी भी दे रहे हैं। एसडीएम कुल्लू सन्नी शर्मा ने कहा कि एनजीटी के आदेशों का पालन किया जाएगा।
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