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राजा घेपन के वजीर तिंगला गुर के कपाट खुले
Updated Fri, 16 Feb 2018 09:48 PM IST
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राजा घेपन के वजीर तिंगला गुर के कपाट खुले
स्वर्ग से लौटने पर पुजारी ने चढ़ाया घी और सत्तू का चढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। देवी बोटी के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद लाहौल के अधिष्ठाता राजा घेपन के वजीर तिंगला गुर के शाशिन स्थित देवालय के कपाट खोल दिए हैं। इससे पहले 12 फरवरी को रोपसंग पूणा के शुभारंभ के बाद 13 फरवरी को देवी बोटी के कपाट खोल दिए गए थे। अब तिंगला गुर के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद पुजारी और घेपन के कारकूनों ने घी और सत्तू का चढ़ावा चढ़ाया है। घाटी के रोपसंग से पूणा उत्सव का आगाज हो चुका है और 19 फरवरी से सिस्सू और तेलिंग में पूणा मनाया जाएगा। लंबे स्वर्ग प्रवास के बाद देवगणों के देवालय लौटने घाटी के लोगों में हर्ष का माहौल है।
पुजारी रामलाल ने बताया कि देवता राजा घेपन, देवी बोटी, पालदेन लहमो, युडोंमा, पोमोकुली, छेरिंगमा, देवता शलवर तथा मिलांग तेते आदि देवी-देवताओं के स्वर्ग प्रवास के बाद फाल्गुन महीने में देवालय लौटने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर शीश नवाजा है।
सिस्सू पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच ने बताया कि 18 फरवरी को केवाह स्थित राजा घेपन की मां जंगड्रुल तथा 19 को यंग्लिंग स्तिथ घेपन थान में भी घी और सत्तू के चढ़ावे चढ़ाए जाएंगे। जिसके पश्चात सिस्सू पूणा का भी आगाज हो जाएगा।
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स्वर्ग से लौटने पर पुजारी ने चढ़ाया घी और सत्तू का चढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल-स्पीति)। देवी बोटी के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद लाहौल के अधिष्ठाता राजा घेपन के वजीर तिंगला गुर के शाशिन स्थित देवालय के कपाट खोल दिए हैं। इससे पहले 12 फरवरी को रोपसंग पूणा के शुभारंभ के बाद 13 फरवरी को देवी बोटी के कपाट खोल दिए गए थे। अब तिंगला गुर के स्वर्ग प्रवास से लौटने के बाद पुजारी और घेपन के कारकूनों ने घी और सत्तू का चढ़ावा चढ़ाया है। घाटी के रोपसंग से पूणा उत्सव का आगाज हो चुका है और 19 फरवरी से सिस्सू और तेलिंग में पूणा मनाया जाएगा। लंबे स्वर्ग प्रवास के बाद देवगणों के देवालय लौटने घाटी के लोगों में हर्ष का माहौल है।
पुजारी रामलाल ने बताया कि देवता राजा घेपन, देवी बोटी, पालदेन लहमो, युडोंमा, पोमोकुली, छेरिंगमा, देवता शलवर तथा मिलांग तेते आदि देवी-देवताओं के स्वर्ग प्रवास के बाद फाल्गुन महीने में देवालय लौटने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना कर शीश नवाजा है।
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सिस्सू पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच ने बताया कि 18 फरवरी को केवाह स्थित राजा घेपन की मां जंगड्रुल तथा 19 को यंग्लिंग स्तिथ घेपन थान में भी घी और सत्तू के चढ़ावे चढ़ाए जाएंगे। जिसके पश्चात सिस्सू पूणा का भी आगाज हो जाएगा।
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