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मनाली माल रोड पर दिखा कुल्लू घाटी का देहात
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:13 PM IST
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मनाली में विंटर कार्निवाल के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई झांकी में कुल्लू के पारंपरिक व्यंजन बनाती महिलाएं।
- फोटो : amarujala
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मनाली (कुल्लूू)। खुश मिजाज मौसम और गुनगुनी धूप के बीच रंग बिरंगी कुल्लवी पोशाक पहने हुए हजारों महिलाएं। लोक वाद्य यंत्रों की धुनों पर नाचते लोग। देसी-विदेशी सैलानी मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद करते हुए। ऐसा ही कुछ नजारा मंगलवार को विंटर कार्निवाल के शुभारंभ अवसर पर मनाली के मॉल रोड पर दिखा।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे मुख्यातिथि मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर सर्किट हाउस मनाली से माता हिडिंबा मंदिर की ओर रवाना हुए। यहां करीब एक घंटे की पूजा-अर्चना के बाद दोबारा यहां पहुंचे। जोरदार स्वागत के बाद उन्होंने झांकियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। एक-एक कर करीब 100 दल सर्किट हाउस माल रोड की ओर रवाना हुए। कुल्लू की लोक संस्कृति को देखने के लिए माल रोड पर हजारों पर्यटक व स्थानीय इंतजार करते रहे। झांकी पहुंचते ही माल रोड पर मौजूद पर्यटकों समेत अन्य कार्यक्रम को लाइव करने में जुट गए। देशी दियाली की झांकी में महिलाओं ने जुमलों के साथ एंट्री की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं को देखने को पर्यटकों का हजूम उमड़ पड़ा। कुल्लू के साथ लगते जिलों की संस्कृति भी माल पर दिखी। मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के दलों ने अपनी संस्कृति से सभी को रूबरू करवाया। जिसे देख सभी झूम उठे। कुल्लू का लोक जीवन हुआ प्रदर्शित झांकी में पुरातन कुल्लू के लोक जीवन को भी प्रदर्शित किया गया। जिसे कैमरा में कैद करने के लिए सभी आतुर दिखे। कषि जीवन, धान बीजाई और ऊन की कताई समेत अन्य चीजों को अलग अलग झांकी में देखकर हर कोई प्रभावित दिखा।
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मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे मुख्यातिथि मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर सर्किट हाउस मनाली से माता हिडिंबा मंदिर की ओर रवाना हुए। यहां करीब एक घंटे की पूजा-अर्चना के बाद दोबारा यहां पहुंचे। जोरदार स्वागत के बाद उन्होंने झांकियों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। एक-एक कर करीब 100 दल सर्किट हाउस माल रोड की ओर रवाना हुए। कुल्लू की लोक संस्कृति को देखने के लिए माल रोड पर हजारों पर्यटक व स्थानीय इंतजार करते रहे। झांकी पहुंचते ही माल रोड पर मौजूद पर्यटकों समेत अन्य कार्यक्रम को लाइव करने में जुट गए। देशी दियाली की झांकी में महिलाओं ने जुमलों के साथ एंट्री की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं को देखने को पर्यटकों का हजूम उमड़ पड़ा। कुल्लू के साथ लगते जिलों की संस्कृति भी माल पर दिखी। मध्य प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों के दलों ने अपनी संस्कृति से सभी को रूबरू करवाया। जिसे देख सभी झूम उठे। कुल्लू का लोक जीवन हुआ प्रदर्शित झांकी में पुरातन कुल्लू के लोक जीवन को भी प्रदर्शित किया गया। जिसे कैमरा में कैद करने के लिए सभी आतुर दिखे। कषि जीवन, धान बीजाई और ऊन की कताई समेत अन्य चीजों को अलग अलग झांकी में देखकर हर कोई प्रभावित दिखा।
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