{"_id":"5c6c0478bdec221239762805","slug":"51550582904-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागियों की वापसी मंजूर नहीं : कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागियों की वापसी मंजूर नहीं : कमेटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लाहौल-स्पीति कांग्रेस में बड़े स्तर पर बगावत की सुगबुगाहट लग रही है। दरअसल विधानसभा चुनाव में बगावत करने वाले नेताओं की फिर पार्टी में वापसी की पहल हो रही है। लेकिन लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी को इन नेताओं की वापसी किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक ठाकुर रघुवीर सिंह को फिर से पार्टी में वापस लिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य नेताओं की वापसी पर भी बात चल रही है। ठाकुर रघुवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे राजेंद्र कारपा का खुले तौर समर्थन कर उनके पक्ष में प्रचार किया था। डीसीसी के पूर्व अध्यक्ष रपतन बोध और युुकां अध्यक्ष दीपक ठाकुर पर भी कारपा का समर्थन करने का आरोप है। लाहौल-स्पीति जिला कांग्रेस ने इन चारों नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने को लेकर इनके निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। हाईकमान ने चारों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया। लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बागियों की वापसी हो रही है। डीसीसी अध्यक्ष ग्यालसन ठाकुर ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ने एकमत होकर इन बागी नेताओं की वापसी का विरोध किया है। कहा कि अगर इन नेताओं की वापसी हुई तो लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में काम नहीं करेगी। केलांग कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नोरबू पांस, उदयपुर ब्लॉक के ओम प्रकाश कश्यप और स्पीति ब्लॉक के रामकुमार ने कहा कि जिन बागी नेताओं के कारण विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी हार गए उनकी वापसी उन्हें मंजूर नहीं है। ग्यालसन ठाकुर ने कहा कि इन नेताओं की वापसी से पार्टी को कुछ भी फायदा नहीं होने वाला है। बागी नेताओं की वापसी से पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा। इसको लेकर डीसीसी ने कांग्रेस हाईकमान को सूचित कर दिया है।
विज्ञापन
केलांग (लाहौल-स्पीति)। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लाहौल-स्पीति कांग्रेस में बड़े स्तर पर बगावत की सुगबुगाहट लग रही है। दरअसल विधानसभा चुनाव में बगावत करने वाले नेताओं की फिर पार्टी में वापसी की पहल हो रही है। लेकिन लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी को इन नेताओं की वापसी किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व विधायक ठाकुर रघुवीर सिंह को फिर से पार्टी में वापस लिया गया है। इसके अलावा तीन अन्य नेताओं की वापसी पर भी बात चल रही है। ठाकुर रघुवीर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे राजेंद्र कारपा का खुले तौर समर्थन कर उनके पक्ष में प्रचार किया था। डीसीसी के पूर्व अध्यक्ष रपतन बोध और युुकां अध्यक्ष दीपक ठाकुर पर भी कारपा का समर्थन करने का आरोप है। लाहौल-स्पीति जिला कांग्रेस ने इन चारों नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने को लेकर इनके निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। हाईकमान ने चारों को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी किया। लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बागियों की वापसी हो रही है। डीसीसी अध्यक्ष ग्यालसन ठाकुर ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी ने एकमत होकर इन बागी नेताओं की वापसी का विरोध किया है। कहा कि अगर इन नेताओं की वापसी हुई तो लाहौल-स्पीति कांग्रेस कमेटी चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में काम नहीं करेगी। केलांग कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष नोरबू पांस, उदयपुर ब्लॉक के ओम प्रकाश कश्यप और स्पीति ब्लॉक के रामकुमार ने कहा कि जिन बागी नेताओं के कारण विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी हार गए उनकी वापसी उन्हें मंजूर नहीं है। ग्यालसन ठाकुर ने कहा कि इन नेताओं की वापसी से पार्टी को कुछ भी फायदा नहीं होने वाला है। बागी नेताओं की वापसी से पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा। इसको लेकर डीसीसी ने कांग्रेस हाईकमान को सूचित कर दिया है।
विज्ञापन